Thursday, August 6, 2026
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आईआईएमटी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने सुना पीएम मोदी का संबोधन

मेरठ। वाराणसी, उत्तर प्रदेश में आयोजित किये जा रहे 3 दिवसीय अखिल भारतीय शिक्षा समागम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। आईआईएमटी विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों ने पीएम मोदी के संबोधन को लाइव सुुना।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 को लागू करने में रणनीतियों, सफलता की कहानियों और सर्वाेत्तम प्रथाओं पर अंतर्दृष्टि साझा करने के लिये प्रमुख भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों को चर्चा, विचार-विमर्श और विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिये 3 दिवसीय अखिल भारतीय शिक्षा समागम का आयोजन वाराणसी में किया जा रहा है। अखिल भारतीय शिक्षा समागम के प्रथम दिन पीएम मोदी के संबोधन को सुुनने के लिये आईआईएमटी विश्वविद्यालय में खास तैयारियां की गयीं थीं। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार डा.निखिल रस्तोगी के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्राओं ने पीएम के विचारों को सुना और प्रेरणा ली।

जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में हुआ स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार वितरण समारोह

हापुड़। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मेधा रूपम व मुख्य विकास अधिकारी प्रेरणा सिंह की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का आरंभ जिलाधिकारी के द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। समारोह में जिलाधिकारी ने शिक्षकों व शिक्षिकाओं जनपद स्तरीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प हो चुका है। ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों को इतना सुंदर बनाया गया है यह बहुत बड़ी प्राप्ति है। हमारे जनपद के प्राथमिक विद्यालय बालक व बालिकाओं को गुणवत्ता युक्त शिक्षा दे रहे हैं। जनपद के ग्रामों के प्रधानों ने भी कायाकल्प अभियान में हिस्सा लेकर स्कूलों को सुंदर बनाया है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। जिलाधिकारी ने शिक्षक व शिक्षिकाओं से कहा कि हीरे को तराशना शिक्षक का कार्य है इस कार्य को आगे बढ़ाते रहें। बच्चों को शिक्षा के कार्य हेतु प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि इस समारोह में आए हुए प्रधानों से मेरा अनुरोध है कि स्कूलों के लिए और बेहतर कार्य करें। बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए बेटियां घर की शान है, हमारा मान है, इसलिए उनको अच्छी शिक्षा दिलाने में कोताही न बरती जाए। इस समारोह में जिलाधिकारी ने उत्कृष्ट कार्य करने वालों प्रधानों, अधिकारियों, बैंक के प्रतिनिधियों तथा स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया। समारोह में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी , स्कूलों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।

कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न रोकने को कार्यालयों में गठित हो आंतरिक शिकायत समिति

  • 10 से अधिक कर्मचारियों वाले संगठनों/कार्यालयों में समिति न गठित होने पर नियोजक पर लग सकता है 50 हजार रुपये का जुर्माना
  • 10 से कम कर्मचारियों वाले संगठनों/कार्यालयों की पीड़िता डीएम द्वारा गठित स्थानीय समिति में दर्ज करा सकती हैं शिकायत

कासगंज। शासकीय, अर्धशासकीय कार्यालयों, निजी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, खेलकूद संस्थानों सहित संगठित व असंगठित क्षेत्र के समस्त कार्यालयों आदि में जहाँ भी 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, चाहे वे सभी पुरूष ही क्यों न हों, वहां पर आंतरिक परिवाद समिति (इन्टरनल कम्प्लेंट्स कमेटी) का गठन करना अनिवार्य है क्योंकि ऐसे कार्यालयों में कभी भी किसी काम के लिए महिलाएं भी आ सकती हैं और उनके साथ भी कोई घटना हो सकती है । ऐसे में वह कार्यालय में गठित आंतरिक परिवाद समिति को अपनी शिकायत कर सकती हैं। ऐसा न करने वाले नियोजकों पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जा सकता है।
महिला कल्याण विभाग के निदेशक मनोज कुमार राय का कहना है कि कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीडन (निवारण प्रतिशेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 की धारा-4 के अंतर्गत ऐसे सभी संगठन या संस्थान जिनमें 10 से अधिक कर्मचारी हैं, वह आंतरिक शिकायत समिति गठित करने के लिए बाध्य हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं को लैंगिक उत्पीड़न सम्बन्धी मामलों में त्वरित और समुचित न्याय दिलाना है। निदेशक द्वारा बताया गया कि पीड़ित महिला कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से सम्बन्धित शिकायत आन्तरिक परिवाद समिति में दर्ज करा सकती है। समिति का गठन कार्यस्थल पर वरिष्ठ स्तर पर नियोजित महिला की अध्यक्षता में होगा, जिसमें दो सदस्य सम्बन्धित कार्यालय से एवं एक सदस्य गैर सरकारी संगठन से नियोजक द्वारा नामित किये जायेंगे। समिति के कुल सदस्यों में से आधी सदस्य महिलाएं होंगी। ऐसे कार्यस्थल जहां कार्मिकों की संख्या 10 से कम है, वहां की पीड़िता द्वारा लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी द्वारा गठित ‘स्थानीय समिति’ (लोकल कमेटी) में दर्ज करायी जा सकती है। यदि कोई नियोजक कार्यस्थल में नियमानुसार आन्तरिक समिति का गठन न किये जाने पर दोष सिद्ध ठहराया जाता है, तो नियोजक पर 50,000 रुपए तक का अर्थदण्ड लगाया जा सकता है। दूसरी बार दोषी पाए जाने पर पहली दोषसिद्धि पर लगाये गये दण्ड से दोगुना दण्ड नियोजक पर लगाया जा सकता है। निदेशक का कहना है कि विभिन्न विभागों और नियोक्ताओं के साथ ही महिला कर्मचारियों को अभी अधिनियम के बारे में भली-भांति जानकारी नहीं है। इसके लिए जरूरी है कि उन्हें अधिनियम के बारे में जागरूक किया जाए ताकि वह किसी आपात स्थिति में समिति के सामने अपनी बात रख सकें। महिला कल्याण विभाग भी समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम संचालित करता रहता है किन्तु सभी के सहयोग से ही इसे सही मायने में धरातल पर उतारा जा सकता है।

  • लैंगिक उत्पीड़न क्या है:

महिला कल्याण विभाग की उप निदेशक अनु सिंह का कहना है कि कार्यस्थल पर महिलाओं को उनकी इच्छा के विरूद्ध छूना या छूने की कोशिश करना जो महिला के सामने असहज स्थिति पैदा करने वाली हो, उसे लैंगिक उत्पीड़न के दायरे में माना जा सकता है। शारीरिक या लैंगिक सम्बन्ध बनाने की मांग करना या उम्मीद करना भी लैंगिक उत्पीड़न है। इसके आलावा किसी महिला से कार्य स्थल पर अश्लील बातें करना, अश्लील तस्वीरें, फ़िल्में या अन्य सामग्री दिखाना भी लैंगिक उत्पीड़न के दायरे में आ सकता है। उन्होंने बताया कि जनपद के समस्त कार्यालयों में नियमानुसार गठित समिति द्वारा प्राप्त प्रकरणों की सूचना जिलाधिकारी कार्यालय को दी जानी चाहिये तथा जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से प्रत्येक जनपद द्वारा वार्षिक रूप में जनपद के विभिन्न कार्यालयों की संक्षिप्त रिपोर्ट का ब्योरा महिला कल्याण निदेशालय को भी भेजा जाना अनिवार्य है। विभाग द्वारा समस्त जनपदों को इस संबंध में निर्देश जारी किये गये हैं।

  • घटना के 90 दिनों के भीतर की जा सकती है शिकायत:

अधिनियम के तहत लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत घटना के 90 दिनों के भीतर आंतरिक शिकायत समिति या स्थानीय शिकायत समिति में दर्ज करानी चाहिए। शिकायत लिखित रूप में की जानी चाहिए। यदि किसी कारणवश पीड़िता लिखित रूप में शिकायत करने में सक्षम नहीं है तो समिति के सदस्यों को उनकी मदद करनी चाहिए। यदि शिकायत नियोजक के विरूद्ध है तो वह भी स्थानीय समिति में दर्ज कराई जायेगी। अधिनियम के अनुसार पीडित की पहचान गोपनीय रखी जाना अनिवार्य है।

  • कौन कर सकता है शिकायत :

महिला कल्याण विभाग में कार्यरत राज्य सलाहकार नीरज मिश्रा का कहना है कि – कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीडन (निवारण प्रतिशेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के अंतर्गत जिस महिला के साथ कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न हुआ है, वह खुद शिकायत कर सकती है। पीड़िता की शारीरिक या मानसिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह खुद शिकायत कर सके तो रिश्तेदार, मित्र, सह कर्मी, उसके विशेष शिक्षक, मनोचिकित्सक/ मनोवैज्ञानिक, संरक्षक या ऐसा कोई भी व्यक्ति जो उसकी देखभाल कर रहा हो अथवा ऐसा कोई भी व्यक्ति जो घटना के बारे में जानता है और जिसने पीड़िता की सहमति ली है या राष्ट्रीय व राज्य महिला आयोग के अधिकारी शिकायत कर सकते हैं। यदि दुर्भाग्यवश पीड़िता की मृत्यु हो चुकी है तो कोई भी व्यक्ति जिसे घटना के बारे में पूरी तरह जानकारी हो वह पीड़िता के कानूनी उत्तराधिकारी की सहमति से शिकायत दर्ज करा सकता है। कार्य स्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की ऑनलाइन शिकायत shebox.nic.in के माध्यम से भी की जा सकती है ।

मिशन शक्ति 4.0 अन्तर्गत मेगा ईवेन्ट अनन्ता के माध्यम से प्रेरक महिलाओं को किया गया सम्मानित

मेरठ। गुरुवार को विद्या बाल विद्या मन्दिर इण्टर कालिज, शास्त्रीनगर, मेरठ में मिशन शक्ति 4.0 के अन्तर्गत मेगा ईवेन्ट अनन्ता (प्रेरक महिलाओें तथा बालिकाओं की पहचान व सम्मान) के द्वारा मेगा इवेन्ट के माध्यम से प्रेरक महिलाओं को सम्मानित किये जाने हेतु कार्यक्रम एवं वृक्षारोपण का भी आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि राखी त्यागी, सदस्या राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश, शंशाक चौधरी, मुख्य विकास अधिकारी एवं अजित कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी उपस्थित थे। जिनके द्वारा आदेश कौर प्रभारी निरीक्षक थाना ए.एच.टी.यू , नीतू तालान महिला हेड कांस्टेबल, थाना ए.एच.टी.यू संगीता श्रीवास्तव एवं हिमा अग्रवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में, डा.नीरा तोमर, रंजना गौड़, प्रधानाचार्य, बालिका रिमझिम छात्रा, फातिमा, प्रफुल्ल त्यागी, महिला खिलाड़ी पूनम सागर, निर्मल रानी आंगनवाड़ी, मिनाली शर्मा अध्यापिका के क्षेत्र में सम्मान-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया ।

चिकित्सा के क्षेत्र में सुभारती ग्रुप का अग्रणीय योगदान: राज्यसभा सांसद डा.लक्ष्मीकांत वाजपेयी

  • सुभारती डेन्टल कॉलिज में सीएडी-सीएएम लैब एवं रिसर्च सेन्टर का हुआ उद्घाटन

मेरठ। स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय के डेन्टल कॉलेज में सीएडी-सीएएम लैब एवं रिसर्च सेन्टर का उद्घाटन राज्यसभा के सांसद डा.लक्ष्मीकान्त वाजपेयी द्वारा किया गया। राज्यसभा सांसद डा.लक्ष्मीकांत वाजपेयी के डेन्टल कॉलेज पहुंचने पर सुभारती ग्रुप के संस्थापक डा.अतुल कृष्ण ने उनका स्वागत किया।
सीएडी-सीएएम लैब एवं रिसर्च सेन्टर का उद्घाटन राज्यसभा सांसद डा.लक्ष्मीकान्त वाजपेयी ने सुभारती ग्रुप के संस्थापक डा.अतुल कृष्ण, डेन्टल कॉलिज के प्राचार्य डा.निखिल श्रीवास्तव के साथ फीटा काट कर किया।
डेन्टल कॉलिज के प्राचार्य डा.निखिल श्रीवास्तव ने सांसद डा.लक्ष्मीकांत वाजपेयी को लैब की तकनीक एवं उपकरण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस उपकरण के आने से दांत के मरीजो में कैप लगाने की प्रक्रिया सिर्फ 1.5 से 2.0 घण्टे में पूर्ण कर ली जायेगी। उन्होंने बताया कि कैप लगने में पहले कई दिनों का समय लगता था, साथ ही मुख की नाप लेने जैसे जटिल प्रक्रिया से मरीज व डाक्टर दोनो को छुटकारा मिलेगा।
सुभारती ग्रुप के संस्थापक डा.अतुल कृष्ण ने राज्यसभा सांसद डा.लक्ष्मीकांत वाजपेयी का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि सुभारती ग्रुप शिक्षा, सेवा, संस्कार एवं राष्ट्रीयता के भाव से देश उत्थान के कार्य कर रहा है। उन्होंने सीएडी, सीएएम लैब एवं रिसर्च सेन्टर के उदघाटन पर डेन्टल कॉलिज के शिक्षकों को बधाई देते हुए सभी के कार्यो की सराहना की।
मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डा.लक्ष्मीकान्त वाजपेयी ने कहा कि सुभारती ग्रुप हमेशा सेवा भाव से राष्ट्रहित में कार्य करता है। उन्होंने कहा कि लैब की आधुनिक मशीनों द्वारा मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि सीएडी-सीएएम लैब एवं रिसर्च सेन्टर द्वारा दंत चिकित्सा एवं उपचार को सर्वसुलभ बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने डेन्टल कॉलेज सहित सुभारती ग्रुप के संस्थापक डा.अतुल कृष्ण को बधाई देते हुए हर्ष प्रकट किया।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे डा.अभिनव शर्मा ने डेन्टल कॉलिज के योगदान एवं उपलब्धियों से सभी को रूबरू कराया।
प्रोस्थोडोंटिक्स विभागाध्यक्षा डा.रोमा गोस्वामी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रतिकुलपति डा.अभय शंकरगौड़ा, डेंस्प्लाई के अश्विनि, शोभित एवं प्रियंका सहित डेन्टल कॉलिज के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

टेक्नो ने मीडियाटेक हेलियो G85 प्रोसेसर युक्त एवं भारत का लेटेस्ट बिग शॉट स्पार्क 8P लॉन्च किया

मेरठ। वैश्विक प्रीमियम स्मार्टफोन ब्रांड टेक्नो ने गुरुवार को अपनी लोकप्रिय स्पार्क 8 सीरीज के तहत एक और बेजोड़ डिवाइस टेक्नो स्पार्क 8P लॉन्च किया। यह स्मार्टफोन कई सर्वोत्तम कोटि के फीचर्स से लैस है जैसे कि 50 डचएआई ट्रिपल रियर कैमरा, सुपर नाइट मोड के साथ समर्थित और बड़ा F 1.6 एपर्चर जो कम रोशनी में भी शानदार स्पष्ट तस्वीरें क्लिक करता है। इसमें 6.6 “फुल एचडी़ डिस्प्ले है जो वास्तव में इमर्सिव व्यू प्रदान करता है और मेमोरी फ्यूजन एक्सटेंशन के माध्यम से 7GB रैम के साथ पैक है। स्मार्टफोन में सुचारू स्मार्टफोन प्रदर्शन के लिए सुपर.फास्ट मीडियाटेक हेलियो G85 शक्तिशाली गेमिंग प्रोसेसर भी है और यह शानदार गेमिंग अनुभव प्रदान करता है।
लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए, ट्रांसियन इंडिया के सीईओ, अरिजीत तालापात्रा ने कहा, “वर्तमान में, काउंटरपॉइंट मार्केट शेयर रिपोर्ट, मई 2022 के अनुसार, स्पार्क मोबाइल सब.10K सेगमेंट में चौथा सबसे बड़ा स्मार्टफोन ब्रांड है। हम बेहतर अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो इससे आगे निकल जाते हैं। हमारे उपभोक्ताओं की लगातार बढ़ती मांग। स्पार्क सीरीज़ की उल्लेखनीय सफलता को देखने के बादए हमें टेक्नो स्पार्क 8 के नए जोड़े की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है और उत्पाद लाइन और सब .11 के सेगमेंट को बाधित करने का इरादा है। टेक्नो स्पार्क 8P के साथ हम उपभोक्ताओं के लिए ऐसी विशेषताएं ला रहे हैं जो केवल अन्य स्मार्टफोन ब्रांडों के फ्लैगशिप उत्पादों में अत्यधिक मूल्य.बिंदुओं पर उपलब्ध हैं। एक उपभोक्ता.केंद्रित स्मार्टफोन ब्रांड के रूप में, हमने हमेशा बाजार में एक ऑल.राउंडर उत्पाद को विघटनकारी मूल्य पर लाने का लक्ष्य रखा है। टेक्नो स्पार्क 8P के साथ हम न केवल लोगों की मांगों को पूरा कर रहे हैं बल्कि एक उच्च मूल्य प्रस्ताव डिवाइस में एआई.सक्षम 50 डच् ट्रिपल रीयर कैमरा प्रदान करते हुए अतिरिक्त मील भी जा रहे हैं।”
स्पार्क सीरीज की सफलता और त्योहारी सीजन के आगमन से उत्साहितए टेक्नो मोबाइल एक बार फिर से ऐसे समग्र मोबाइल का बेजोड़ अनुभव देने के लिए आगे बढ़ा रहा हैए जिसे हाई स्पीड वाले डिजिटल अनुभव की तलाश करने वाले उपभोक्ताओं को लक्षित करके लॉन्च किया जा रहा है।

छात्राओं ने पौधारोपण कर पर्यावरण बचाने की शपथ ली

मेरठ। परीक्षितगढ़ नगर के गाँधी स्मारक देवनागरी इंटर कॉलेज परिक्षितगढ़, मेरठ में पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत विद्यालय की स्काउट की छात्राओं एवं अध्यपिकाओं द्वारा वृहद पौधारोपण कार्यक्रम चलाया गया। प्रधानाचार्य डा.नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पर्यावरण सुधार हेतु पौधारोपण आवश्यक है। अतः प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अधिक से अधिक पौधारोपण करें। छात्राओं द्वारा कॉलेज परिसर में शीशम, सागौन आदि के पौधे लगवाये गये। इस अवसर पर कालेज प्रधानाचार्य डा.नरेंद्र नरेंद्र पाल सिंह, एन.सी.सी. जूनियर डिवीजन प्रभारी देवेंद्र कुमार व एन.सी.सी. सीनियर डिवीजन प्रभारी प्रवेंद्र कुमार पाल सहित अध्यापिका मीनाक्षी उपाध्याय, शैली ढाका, रेशु गुप्ता ने कॉलेज परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण बचाने की शपथ ली। कार्यक्रम का संचालन रेनू गुप्ता ने किया। इस अवसर पर संदीप त्यागी, देवेंद्र यादव मुकेश कुमार आदि व कॉलेज की छात्राओं का सहयोग रहा।

जीवनदान फाउंडेशन ने लगाया रक्तदान शिविर

मेरठ। बागपत रोड स्थित न्यू स्टार हॉस्पिटल मे जीवनदन फाउंडेशन की ओर से दो दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर में सैकड़ों युवाओं ने रक्तदान किया। शिविर में न्यू स्टार हॉस्पिटल के एम.डी. ने भी रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले सभी युवाओं को सर्टिफिकेट व मुमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉक्टर राम, मयंक अरोरा, नीरज प्रजापति, तानिया वर्मा, सोनू शर्मा, पिंकी, ललित, शुभम, आशी, अरुण ठाकुर सहित सभी साथियों का सहयोग रहा।

सुबोध राणा को किया गया सम्मानित

बिनौली: जिवाना के गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में गुरुवार को एक विचार गोष्ठी हुई। जिसमें गुरुकुल के संस्थापक प्रोफ़ेसर बलजीत सिंह आर्य ने रालोद के जिला कार्यकारिणी सदस्य एवं चौधरी चरण सिंह विचार मंच के संयोजक सुबोध राणा को महर्षि दयानंद का चित्र एवं चौधरी चरण सिंह द्वारा लिखी शिष्टाचार पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्कूल निदेशक अनिल आर्य, डा.सुनील आर्य, प्रधानाचार्य डा.राजीव खोखर, सुशील वत्स, ओमवीर सिंह, नितिन शर्मा, जितेंद्र आर्य, ऋषिपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

विम्स मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के स्त्री रोग विभाग ने गर्भाशय एवं अण्डाशय की जटिल सर्जरी कर रचा इतिहास

मेरठ। गुरुवार को श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल विम्स के स्त्री रोग विभाग की सात सदस्यीय टीम ने विख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डा.रजनी अग्रवाल के निर्देशन में बाईस वर्षीय एक युवती के अण्डाशय एवं गर्भाशय दोनो में बहुत बडी फेबराईड (रसौली) का सफलतापूर्वक सर्जरी कर दोनो अंगो को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए नया जीवनदान दिया। युवती के परिजनो एवं डॉक्टर्स के मुताबिक देश से बडे-बडे हॉस्पिटल से निराश इस युवती की विम्स में सफलतापूर्वक सर्जरी के बाद विम्स के डॉक्टर्स ने एक इतिहास रच दिया। युवती की माँ के अनुसार पिछले तीन वर्षो में बीस से अधिक अलग-अलग हॉस्पिटल में उपचार के बाद सभी डॉक्टर्स ने गर्भाशय एवं अण्डाशय दोनो के निकालने का ही विकल्प बताया, पर विम्स ने माँ बनने के लिए जरूरी इन दोनों अंगो को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए युवती को नया जीवनदान दिया। इस जटिल सर्जरी की सफलता पर पूरे विम्स हॉस्पिटल स्टॉफ को बधाई देते हुए समूह चेयरमैन डा.सुधीर गिरि ने कहा कि आदरणीय प्रधानमन्त्री जी के स्वस्थ भारत के सपने/मिशन को आगे बढाते हुए विम्स सबसे बेहतर सस्ती, सुलभ एंव विश्वस्तरीय सेवाऐ देने के लिए प्रतिबद्ध है। डा.रजनी अग्रवाल के निर्देशन में हुई इस जटिल सर्जरी की टीम में विख्यात स्त्री रोग डा.राधिका कानावर, डा.कुनिका बत्रा, डा.तलत सबा, डा.आरती अग्रवाल, डा.सुमिता कुमारी आदि चिकित्सक रहे।
इस जटिल सर्जरी पर स्त्री रोग टीम को बधाई देने वालो में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एन.के.कालिया, हॉस्पिटल मुख्य प्रबन्धक डा.एम.ए.चौधरी, डा.ईकाराम ईलाही, डा.अवधेश शर्मा, डा.अभय प्रताप, डा.गोपाल यादव, डा.अर्पिता श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।

महाक्रांति ग्राम बसौद में युवा चेतना मंच ने किया पौधारोपण

बागपत। वन महोत्सव अभियान के अंतर्गत युवा चेतना मंच के कार्यकर्ताओ ने बसौद गांव में पौधारोपण व पौधों का वितरण किया।
मंच के संस्थापक मास्टर सत्तार अहमद ने बताया कि संस्था 17 जुलाई 2022 तक 165 पौधों का रोपण व वितरण करेगी और अब तक 101 पौधे लग चुके हैं। 17 जुलाई 2022 को बसौद में 165 वां शहादत दिवस मनाया जाएगा, जिसके चलते यह लक्ष्य रखा गया है। इस दिन 1857 ई में ग्रामवासियों ने अंग्रेजों से लोहा लेकर शहादत पायी थी। उन्होंने कहा कि पेड़ पौधे हमारे जीवन के लिए उतना ही महत्वपूर्ण हैं, जितना कि हमारे लिए भोजन और जल। पेड़ पौधों के बिना हमारा जीवन बहुत ही कठिनाई में पड़ जाएगा, क्योंकि पेड़ पौधे हमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जीवन प्रदान करता है। पेड़ पौधे हमारे लिए प्राणवायु ऑक्सीजन को मुक्त करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड का उपभोग करते हैं। पेड़ पौधे ही एकमात्र ऐसे साधन है, जो कि पर्यावरण में होने वाले प्रदूषण को कम करते हैं। इस अवसर पर गुलजार, आदिल, तसलीम, नय्यूम, वसीम, गुड्डू, मोनू, आबिद, रवि, मोहित आदि मौजूद रहे।

राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने आयोजित किया एक दिवसीय स्वास्थ्य शिविर

  • स्वास्थ्य के प्रति व्यक्ति को जागरूक रहना चाहिए डा.श्याम कुमार

हापुड़। देवनंदिनी अस्पताल के चेयरमेन डा.श्यामकुमार ने कहा कि जीवन में स्वस्थ के प्रति व्यक्ति को जागरूक रहना चाहिए। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी व कोरोना के बीच हमें खानपान व स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखना चाहिए और संतुलित आहार लेना चाहिए।
डा.श्यामकुमार यहां राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन व देवनंदिनी अस्पताल द्वारा ग्राम धनौरा स्थित कान्हा फार्म हाऊस में आयोजित एक दिवसीय स्वास्थ्य कैंप के उद्घाटन पर मुख्य अतिथि के रुप में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मनुष्य खानपान पर संयम रखकर अपनें शरीर को स्वस्थ रख सकता हैं।
समाजसेवी सुमन ऑस्कर ने कहा कि गांव में कैंप लगानें का उद्देश्य ग्रामीण में स्वास्थ्य के प्रति विशेष तौर पर महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि के रूप में शिवा पाठशाला की प्रधानाध्यापिका डा.सुमन अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य ही जीवन का अमूल्य धन है, इसलिए स्वास्थ्य के बारे में समाज के हर वर्ग व व्यक्ति का जागरूक होना जरूरी है। स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम व अपने संपूर्ण शरीर की सफाई रखनी चाहिए। देवनंदिनी अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा मरीजों का निःशुल्क चेकअप व जांच की गई।
इस मौकें पर भाजपा नेता व एचपीडीए के सदस्य मुनेश त्यागी, दोमयी सहकारी सोसायटी के चेयरमैन अनुज त्यागी, दिनेश त्यागी मंडल अध्यक्ष देहात, जिला संयोजक महेश शर्मा, मनोहरमा रघुवंशी, यशोदा शर्मा सभासद, फतेहसिंह, प्रशांत त्यागी आदि मौजूद थे।

जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द मुख्यालय में हुआ सद्धभावना सम्मेलन का आयोजन

जमीयत उलेमा ए हिंद के सदभावना सम्मेलन में अपने विचार रखते धर्मगुरु

बागपत। जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द ने समाज में धर्म के नाम पर बढ़ती नफरत को समाप्त करने के लिए नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में एक सद्धभावना सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें बागपत जिले से काफी लोगों ने शिरकत की।
सम्मेलन में राष्ट्रीय और प्रदेश सरकारों से किसी भी धर्म व धर्मगुरूओंके बारे में गलत शब्दों के इस्तेमाल करने, गलत टीका-टिप्पणी करने, धार्मिक भावनाओं को सोशल मीडिया अथवा किसी भी माध्यम से भड़काने वाले असामाजिक लोगों के विरूद्ध कठोर कानून बनाकर सजा देने की मांग की। सभी धार्मिक विद्धानों ने कहा कि धर्मों के नाम पर बढ़ती इस नफरत को समय रहते नही रोका गया तो आने वाली पीढ़ियों और देश को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले उनके क्षेत्र के धर्मगुरूओं से आहवान किया कि देशहित, समाजहित व इंसानियत की रक्षा के लिए विभिन्न धर्मों के लोगों को आपस में जोड़ने का प्रयास करे और इसके लिए सद्धभावना कमेटी का निर्माण करे। समय-समय पर साझा मीटिंग का आयोजन करें और धर्मों की सही जानकारी लोगों तक पहुंचाए। कहा कि देश को आजाद कराने में हर धर्म व सम्प्रदाय के लोगों ने अनगिनत कुर्बानियां दी है। हमारा कर्तव्य है कि हम अपने पूर्वजों की कुर्बानियों को बेकार ना जाने दे और मुल्क की तरक्की, आपसी भाईचारे और आने वाली पीढ़ियों के अच्छे भविष्य के लिए कार्य करे।
सम्मेलन को जैन धर्म के आचार्य लोकेश मुनि, सर्वधर्म संसद के राष्ट्रीय संयोजक सुशील महाराज, रविदास सम्प्रदाय के स्वामी वीर सिंह महाराज, बौद्ध धर्म के आचार्य येशी, ईसाई धर्म के फादर मॉरिश पार्कर, सिख धर्म के सरदार मनप्रीत सिंह, जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी, महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी, मौलाना नियाज अहमद फारूकी सहित अनेकों विद्वानों ने सम्मेलन को सम्बोधित किया। संचालन जमीयत सद्धभावना मंच के संयोजक मौलाना जावेद सिद्वीकी कासमी ने किया। इस अवसर पर डा.रमेश पासी, डॉक्टर संध्या अग्रवाल, तेजपाल सिंह जोनमाना, इकबाल कवि बड़ौत, संतरा चौहान समेत विभिन्न सामाजिक, धार्मिक व शैक्षिक संस्थाओं के सैंकड़ों लोग उपस्थित थे।

सुभारती विश्वविद्यालय में ई-पाठ्यवस्तु विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन हुआ

मेरठ। सरदार पटेल सुभारती लॉ कॉलिज, स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ में ई-पाठ्यवस्तु विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कॉलिज के असिसटेंट प्रोफेसर डा.प्रेमचन्द्र ने इस विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा में ई-पाठ्यवस्तु का उपयोग निरन्तर बढ़ता जा रहा है। यह प्लेटफार्म विद्यार्थियों को आसानी से पाठ्य-सामाग्री उपलब्ध कराता है। शिक्षा में ई-पाठ्यवस्तु का बहुत महत्व है। छात्र इंटरनेट के माध्यम से आसान तरीके से पाठ्य-सामाग्री प्राप्त कर सकते है। आजकल विश्वविद्यालयों की लाइब्रेरी भी डिजिटल हो चुकी है। अत: आसान तरीके से पुस्तक को डाउनलोड किया जा सकता है। नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी आदि भी छात्रों की मदद कर रही है। यह कार्यशाला सुभारती लॉ कॉलिज की वर्चुअल टिचिंग लर्निंग कमेंटी व लाइब्रेरी कमेंटी द्वारा आयोजित की गई। इस कार्यशाला का आयोजन डा.रीना बिश्नोई के संयोजन में किया गया। इस कार्यशाला में बताया गया कि आजकल एस.एस.सी. ऑनलाइन जैसे अनेक प्लेटफार्म उपलब्ध है, जहाँ से कम समय में अधिक से अधिक जानकारी इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।
इस कार्यक्रम में डा.सारिका त्यागी, आफरीन अल्मास, विकास त्यागी, शालिनी गोयल, एना सिसोदिया, शिखा गुप्ता, सपना रावत, अलका आदि शामिल रहें।

सुभारती विश्वविद्यालय में हुआ हर घर तिरंगा अभियान का शुभारंभ

मेरठ। स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय के संस्कृति विभाग द्वारा खालसा हेल्प फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में हर घर तिरंगा अभियान का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी दीपक मीणा, विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी, कार्यक्रम अध्यक्ष जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी, कुलपति मेजर जनरल डा. जी. के. थपलियाल,  सुभारती अस्पताल के चिकित्सा उपाधीक्षक डा.कृष्णा मूर्ति, संस्कृति विभाग के निदेशक डा. विवेक कुमार, खालसा हेल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष हरप्रीत मान ने स्वामी विवेकानंद जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर किया। अतिथियों द्वारा स्वामी विवेकानन्द की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें नमन किया गया।
सुभारती पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत सभी अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान सुभारती विश्वविद्यालय का सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि तिरंगा वितरण से लोगों में देशभक्ति की भावना जाग्रत होगी। उन्होंने कहा कि तिरंगे को सम्मान के साथ अपने घरों पर लगाए और राष्ट्रीयता को सशक्त करने में एक दूसरे का सहयोग करें।
कुलपति मेजर जनरल डा जी.के.थपलियाल ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान में लोगों को राष्ट्र की भावना से प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी आन,बान, शान है और इसका सम्मान प्रमुखता से किया जाता है। उन्होंने बताया कि सुभारती विश्वविद्यालय शिक्षा, सेवा, संस्कार एवं राष्ट्रीयता के मंत्र से अपने विद्यार्थियों का ज्ञान वर्धन करके उन्हें देशहित में कार्य करने की प्रेरणा दे रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक संस्कृति विभाग के निदेशक डा. विवेक कुमार ने बताया कि हर घर तिरंगा अभियान के तहत 21 हजार तिरंगे प्रथम चरण में ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में वितरित किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि तिरंगा वितरण वाहन द्वारा प्रत्येक घर में सम्मान के साथ तिरंगा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस तक हर घर में तिरंगा पहुंचाने के साथ लोगो में देशभक्ति के भाव को प्रोत्साहित करना है।
सभी अतिथियों ने फाइन आर्ट कॉलेज की आर्ट गैलरी का अवलोकन किया। इस अवसर पर फाइन आर्ट कॉलिज की वार्षिक पत्रिका आर्ट फ्रेगेन्स का विमोचन जिलाधिकारी दीपक मीणा, मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी एवं प्राचार्य पिंटू मिश्रा ने किया।
धन्यवाद ज्ञापन जिला पंचायत के अध्यक्ष गौरव चौधरी ने दिया। उन्होंने सुभारती विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि तिरंगे को सम्मान के साथ सभी लोग अपने घरों की छत पर स्थापित करे।
इस अवसर पर प्रति कुलपति डा.अभय शंकरगौड़ा, डा.
पिंटू मिश्रा, डा.मनोज कपिल, मीडिया प्रभारी अनम शेरवानी, कुलदीप नारायण, गुरमीत सिंह सहानी, सरदार तेज सिंह, सुखदेव सिंह, हरेन्द्र प्रीत सिंह, महेश चौधरी, महान जैन आदि उपस्थित रहे।

इस्माईल गर्ल्स नेशनल इण्टर कॉलेज ने “स्वामी विवेकानंद” की 116वीं पुण्यतिथि मनाई

मेरठ। इस्माईल गर्ल्स नेशनल इण्टर कॉलेज, एल-ब्लॉक, शास्त्री नगर, मेरठ के सेठ दयानन्द गुप्ता सभागार में “स्वामी विवेकानंद ” की 116वीं पुण्यतिथि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रधानाचार्या डा.मृदुला शर्मा ने स्वामी विवेकानन्द की फोटो पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मंच का संचालन विद्यालय प्रवक्ता अनुपम निधि ने किया।
प्रधानाचार्या डा.मृदुला शर्मा ने छात्राओं को बताया कि स्वामी विवेकानंद को बुद्धि और मानवता का आदर्श माना जाता है। युवा वर्ग आज भी उन्हें अपनी प्रेरणा स्रोत मानते हैं। आप जो भी काम करो, पूरी एकाग्रता से करो, तभी सफल होगे। जीवन में ‘संघर्ष जितना कठिन होगा,जीत उतनी ही शानदार होगी।’ उनके निर्वाण दिवस पर हर भारतीय उनकी शिक्षा व आदर्शों को जीवन में आत्मसात कर राष्ट्रनिर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प ले, यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर छात्राओं को विवेकानंद की जीवनी पर प्रोजेक्टर के माध्यम से डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई। छात्राओं ने बड़े ही उत्साह पूर्वक फिल्म को देखा। छात्राओं को प्रश्नोत्तरी के माध्यम से प्रधानाचार्या डा.मृदुला शर्मा द्वारा जागरुक किया गया। विद्यालय प्रवक्ता अनुपम निधि ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने साल 1893 में शिकागो मे सबसे पहले पूरी दुनिया को भारत के धर्म और आध्यात्म के सार से परिचित कराया था। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत ‘मेरे अमेरिकी भाइयो और बहनो’ संबोधन के साथ की। स्वामी द्वारा यह वाक्य बोलते ही पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजने लगा और वहां उपस्थित हर व्यक्ति उनके विचारों से प्रभावित हुआ। वंदना सिंह ने कहा राष्ट्र के प्रेरणापुंज विवेकानंद ने अपने प्रगतिशील विचारों से युवाओं में राष्ट्रनिर्माण की चेतना जगाई।
इस अवसर पर विद्यालय की समस्त शिक्षिकाएं अनुपम निधि, अर्चना भास्कर, वंदना सिंह, नीता रानी, प्रमिला, अम्बिका देवी, कंचन सिंह, ज्योति, कनक शर्मा, निधि राजवंशी, आरती शर्मा, सुमन शर्मा, रानी शर्मा, रेखा रानी, शशि प्रभा, संजू चौधरी, दीपमाला, अंजू दीक्षित, मोहनी मित्तल, शोएबा एवं विद्यालय के कार्यालय सहायक मुकेश कुमार, रविन्द्र कुमार, गौरव सिंघल, जनार्दन कुमार, अमित अग्रवाल आदि उपस्थित रहें|

टारगेटबॉल खिलाड़ियों ने किया आईआईएमटी विश्वविद्यालय का नाम रोशन

खिलाड़ियों को बधाई देते आईआईएमटी विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डा.सतीश बंसल।

मेरठ। हमीरपुर हिमाचल प्रदेश में आयोजित हुई टारगेटबॉल खेल की जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में आईआईएमटी विश्वविद्यालय के तीन खिलाड़ियों ने उत्तर प्रदेश राज्य की टारगेटबॉल टीम की तरफ से सहभागिता की। 25 जून से 30 जून तक आयोजित हुई इस प्रतियोगिता में संपूर्ण देश के 21 राज्यों ने सहभागिता की। इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश राज्य की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त कर गौरव हासिल किया।
जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में आईआईएमटी विश्वविद्यालय के खिलाड़ी आर्यन पवार, आदित्य मकोरवाल व शगुन चौधरी ने अपना शानदार प्रदर्शन कर उत्तर प्रदेश राज्य की टीम को तृतीय स्थान प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाई। इससे पूर्व आर्यन पवार, शगुन चौधरी, हर्ष पवार व प्रेक्षा ने उत्तर प्रदेश जिले के मथुरा जिले में आयोजित टारगेटबॉल सीनियर फेडरेशन कप में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
यह उपलब्धि खिलाड़ियों ने आईआईएमटी विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत डॉक्टर सोनू शर्मा के मार्गदर्शन में हासिल की। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता, प्रति कुलाधिपति डा. मयंक अग्रवाल, कुलपति डा.दीपा शर्मा, प्रति कुलपति डा.सतीश बंसल, विभाग प्रमुख डॉक्टर वैभव राणा, खेल अधिकारी अर्चना शर्मा ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

अधिकारों के लिए उपाध्याय समाज एकजुट हो: विनोद

बागपत। अखिल भारतीय योगीनाथ उपाध्याय समाज की एक बैठक जिला अध्यक्ष विनोद कुमार उर्फ नीटू सभासद के निवास पर हुई। इस मौके पर जिलाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि संगठन का विस्तार बड़े स्तर पर किया जाए, ताकि समाज की भागीदारी राजनीतिक एवं अन्य सामाजिक कार्यों में हो सके। प्रदेश अध्यक्ष चमन लाल ने कहा कि समाज के होनहार बच्चों को जल्दी एक बड़ा सम्मेलन बड़ौत में आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा। संगठन मंत्री संजय उपाध्याय ने बाहर से आए सभी अतिथियों का धन्यवाद किया और इस तरह की सभाएं पूरे जनपद में करने का आह्वान किया। अध्यक्षता धर्मपाल सिंह एवं संचालन मास्टर वेदपाल ने किया।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष चमनलाल, प्रभारी नकुल उपाध्याय, संगठन महामंत्री संजय उपाध्याय, मास्टर अनिल, जिला प्रभारी डा.रणवीर सिंह, सतीश दीवान, राकेश ठेकेदार, मास्टर विनोद भारद्वाज, अरविंद उपाध्याय कोषाध्यक्ष बागपत, दिनेश संगठन मंत्री, बड़ौत ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र, खेकड़ा ब्लॉक अध्यक्ष सोनू, जगमाल, मदन उपाध्याय, डा.रामकिशन, श्रीपाल, डा.सुभाष, डा.सतीश, रामबीर, दीपक उपाध्याय आदि मौजूद थे।

वेंक्टेश्वरा में एम.बी.बी.एस. के 2021-22 बैच के नव-प्रवेशित छात्र-छात्राओ के लिए फ्रेशर पार्टी “इन्सेप्शन-2022” का शानदार आयोजन

  • मशहूर मॉडल शिवम अग्रवाल एवं पूर्व मिस इण्डिया फोटोजैनिक महिमा कश्यप् रही मुख्य ज्यूरी
  • आपकी सेवा समपर्ण ही आपको दूसरे प्रोफेशन्स के मुकाबले सबसे अलग एवं विशिष्ट बनाता है: डा.सुधीर गिरि
  • चिकित्सा सेवा की गरिमा को आगे बढाते हुए आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रर्दशन करे: डा.राजीव त्यागी

मेरठ। वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के अधीन संचालित विम्स मेडिकल कॉलेज में एम.बी.बी.एस. पाठयक्रम में नवप्रवेशित 2021-22 बैच के विद्यार्थियों के लिए 2020-21 बैच के सीनियर्स ने फ्रेशर पार्टी “इन्सेप्शन-2022” का शानदार आयोजन किया। जिसमें नये एवं पुराने छात्रो ने दो दर्जन से अधिक शानदार सॉस्कृतिक/मनोरंजक प्रस्तुतियों देकर समा बांध दिया।
वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के “ध्यानचन्द ओपन खेल परिसर” में आयोजित फ्रेशर पार्टी ’’इन्सेप्शन-2022 का शुभारम्भ पर वेंक्टेश्वरा समूह के चेयरमैन डा.सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डा.राजीव त्यागी, डीन डा.अतुल वर्मा, डीन एकेडमिक डा.संजीव भट् आदि ने सरस्वती मां की प्रतिमा के सन्मुख दीप प्रज्जवलित करके किया।
अपने सम्बोधन में समूह चेयरमैन डा.सुधीर गिरि ने कहा कि आपका अपने काम के प्रति निस्वार्थ समपर्ण, सेवा एवं त्याग भावना ही आपको दूसरे प्रोफेशन्स से अलग विशिष्ट स्थान दिलाती है। आप भविष्य में देश एवं दुनिया के विभिन्न हिस्सो में अपना जीवन मानव सेवा को समर्पित करेगे, इसी अपेक्षा के साथ आपका चिकित्सा क्षेत्र में स्वागत है। आप आने वाले समय में चिकत्सा जैसे पावन/पुनीत कार्य को अपने स्किल्ड, एवं समपर्ण से दुनिया के सामने एक नजीर पेश करेगें।
इसके बाद छात्र-छात्राओ ने एकल नृत्य एवं समूह नृत्य के एक से बढकर एक प्रस्तुतियां देकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। साथ ही सिगिंग, गिटार, स्टैण्डअप कॉमेडी के साथ-साथ कोरोना से लड़ाई लडते हुए अपनी जान गवांने वाले चिकित्सको को लघु-नाटिका द्वारा श्रंद्धाजलि भी अर्पित की गयी। एम.बी.बी.एस. प्रथम वर्ष की छात्राओ ने रैम्प पर कैटवाक कर जलबे बिखेरे। इसके बाद सभी छात्र-छात्राओ ने दिल करे मै तो भांगडे बिच तेरे नाल नांचा, मै तो तेरी हो गयी सजन मेरे सतर गियां, आयो रे आयो रे आयो रे महारा ढोलना, तारे गिन-गिन याद में तरेी मै जागा राता नू समेत विभिन्न पंजाबी, राजस्थानी, गुजराती गानो पर जमकर धमाल किया। सीनियर्स ने मिलकर आने वाले सभी जूनियर्स डाक्टर्स को ‘स्टेथौस्कोप’ उपहार स्वरुप भेंट किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो.पी.के.भारती, कुलसचिव पीयूष पाण्डे, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एन. के. कालिया, डा.बी.बी बोरा, डा.ईकराम ईलाही, डा. शिवम अग्रवाल, डा.जसवीर सिंह, डा.रजनी अग्रवाल, डा.मोनिका देशववाल, डा.प्रभात श्रीवास्तव, डा.प्रताप सिंह, डा.राकेश यादव, अलका सिंह, डा. राजेश सिंह, अरूण गोस्वामी, प्रीतपाल एवं मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।

शासन द्वारा नामित वृक्षारोपण जनपद नोडल अधिकारी सेंथिल पांडियन सी.आबकारी आयुक्त ने की बैठक

  • प्रदेश में 35 करोड़ वृक्षारोपण लक्ष्य के सापेक्ष जनपद बागपत का लक्ष्य 1463392 पौध रोपण
  • 5 जुलाई को जनपद बागपत में 1045209 पौधे किए जाएंगे रोपित
  • वन महोत्सव को जन आंदोलन के रूप में मनाया जाएगा
  • संबंधित विभाग लक्ष्य के सापेक्ष करें वृक्षारोपण

बागपत। शासन द्वारा नामित वृक्षारोपण जनपद नोडल अधिकारी सेंथिल पांडियन सी.आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश ने कलेक्ट्रेट सभागार में वृक्षारोपण संबंध में बैठक कर संबंधित अधिकारियों को वृक्षारोपण जन आंदोलन के सम्बंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ वृक्षारोपण करने का लक्ष्य मिला हुआ है,जिसमें जनपद बागपत में 1463392 पौधे रोपित किए जाने हैं। जिससे धरती को हरा श्रृंगार के रूप में सजाया जाएगा। उन्होंने कहा वन महोत्सव को जन आंदोलन के रूप में प्रत्येक जनपद में मनाए जाने का कार्य चल रहा है जिसमें 1 जुलाई से 7 जुलाई तक यह अभियान विशेष रूप से चलाया जाएगा। जिसमें 5 जुलाई को जनपद में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा। उन्होंने कहा जिन विभागों को वन विभाग द्वारा जो लक्ष्य दिया गया है, उसके सापेक्ष वृक्षारोपण करें। उन्होंने कहा जिन स्थानों पर गड्ढा खुदान का कार्य किया गया है उन सभी की जियो टैगिंग की जाए। कोई भी विभाग वृक्षारोपण में अपनी उदासीनता ना दिखाएं, कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करें।
2022 में उ.प्र.प्रदेश शासन द्वारा प्रदेश स्तर पर निर्धारित 35 करोड़ वृक्षारोपण लक्ष्य के सापेक्ष बागपत जनपद का लक्ष्य 1463392 पौध रोपण का है। जिसमे 24 विभागों को उनके लक्ष्य के बारे में बताया गया। इनमें सर्वाधिक लक्ष्य वाले विभागों में ग्राम्य विकास विभाग (614460), वन विभाग (289926), कृषि विभाग (115920), उधान विभाग (76272), राजस्व विभाग (68880), पंचायती राज्य विभाग (68880), रेलवे विभाग (36220), पर्यावरण विभाग (32214), उच्च शिक्षा (22540), नगर विकास विभाग (20020) शामिल है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्पेस के अनुसार पौधे लगाए जाएं। यह अभियान जनपद में 5 जुलाई, 6 जुलाई, 7 जुलाई और 15 जुलाई को किया जाएगा जिसमें 5 जुलाई को 1045209 पौधे लगाए जाएंगे, 6 जुलाई को 104612, 7 जुलाई को 104612 तथा 15 अगस्त को आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर 208959 पौधे लगाए जाएंगे। नोडल अधिकारी ने कहा वन महोत्सव को जन आंदोलन के रूप में मनाए। सभी अधिकारी अपनी अपनी साइट पर पहुंचकर विजिट अवश्य करें। इसमें कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा जो भी काम करें पूरे मन के साथ करें।
जिलाधिकारी राजकमल यादव ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदार को जनपद में नगर वन/नगर वाटिका, नदियों के किनारे एवं अन्य स्थलों पर वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए। उन्होने वृक्षारोपण के लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृक्षारोपण से सामान्य जन एवं वन्य जीवों को फल, भोजन, ललकड़ी, शुद्ध हवा आदि प्राप्त होती है। वातावरण का प्रदूषण एवं तापमान कम रहता है तथा मिटटी क्षरण एवं प्रदूषण भी नियन्त्रित होता है। अतः एनसीआर क्षेत्र में वृक्षारोपण से बहुआयामी लाभों को देखते हुए सभी विभाग इस कार्य को अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल करे।
नोडल अधिकारी ने कहा सरकारी अधिकारी, कर्मचारी स्वयं भी पौधा अवश्य लगाएं। इसमें आपका योगदान होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण की कॉफी टेबल बनाई जाए, स्पेस के अनुसार पौधे लगाए जाएं। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देश दिए कि 5 किलोमीटर की सड़क पर कलरफुल पौधे दोनों साइडों में लगाई जाए जिससे कि आने वाले समय में लोग याद करें और उस सड़क पर जाने का प्रयास करें।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार, अपर जिलाधिकारी अमित कुमार, प्रभागीय वन अधिकारी हेमंत सेठ, परियोजना निदेशक विद्या नाथ शुक्ला, समस्त एसडीएम, तहसीलदार, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं अधीक्षण अभियन्ता, विद्युत सहित आदि विभाग सम्मिलित रहे।