- कांवड़ मार्ग की प्रकाश व्यवस्था का लिया जायजा
बागपत। जिलाधिकारी राजकमल यादव व पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने रात्रि में सभी कावड़ मार्गों का निरीक्षण किया और बरनावा से पुरा महादेव मंदिर तक प्रकाश व्यवस्था का जायजा लिया। सभी मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था अच्छी पाई गई और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी चेक की। उन्होंने हरिद्वार से जल लेकर आ रहे श्रद्धालुओं का हालचाल जाना और उन्हें शुभ यात्रा की बधाई दी।
जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए लगाए गए कर्मचारी व अधिकारियों के ड्यूटी पॉइंट चेक किए। सभी अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद मिले। उन्होंने कांवड़ शिविरों का भी निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने विकास भवन में बनाए गए कावड़ कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर एसडीएम बड़ौत सुभाष कुमार, अधिशासी अधिकारी अनुज कौशिक, पुलिस क्षेत्राधिकारी युवराज सिंह आदि उपस्थित रहे।







कांवड़ यात्रा में हर बार कुछ अलग रंग होते हैं। इस बार भारत माता की कांवड़ आकर्षक बनी हुई है। कांवड़ यात्रा में कोई नंगे पैर है तो किसी के पैर में पट्टी बंधी हुई है। छाले पड़ चुके हैं। लेकिन, कांवड़ियों के कदम नहीं रुक रहे हैं। दूर-दूर तक सजी हुई कांवड़ रंग बिरंगी रोशनी में यात्रा को और भी आकर्षक बना रही हैं।
भूजल विभाग के अधिशासी अभियंता आदित्य पांडे ने जल संरक्षण के महत्व पर अपने विचार रखते हुए क्लब-60 द्वारा हर संभव तरीके से जल बचत, संचयन व पुनरभरण की सराहना की। गोष्ठी के अंत में डा.सोमेंद्र तोमर ने सभी से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आग्रह किया व इस संबंध में प्रदेश सरकार के प्रयासों की विस्तार से चर्चा की। संगोष्ठी में सभी को जल, पौधे, बिजली व पर्यावरण बचाने की शपथ दिलाई गई तथा शिक्षासेतु द्वारा आयोजित चित्र एवं निबंध प्रतियोगिता के सभी 31 प्रतिभागी बच्चों को प्रशस्ति पत्र, मेडल तथा एक-एक सौ रुपए प्रोत्साहन राशि देकर पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने तथा संचालन हरि विश्नोई ने किया। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रमुख नागरिकों सहित सहायक जल विज्ञानी आशीष गुप्ता, नौरत्न कमल, बी बी शर्मा, आशु रस्तोगी, हरेंद्र सिंह, राजेश अरोड़ा, राजेश रुहेला व मनोज त्यागी आदि मौजूद रहे।














जिलाधिकारी ने मंदिर कमेटी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा ब्रैकेटिंग मजबूत तरीके से लगी होनी चाहिए और श्रद्धालुओं के लिए पानी की व्यवस्था रहे।