झांसी। बुंदेलखंड के झांसी जनपद से दूरी बनाए मानसून ने आखिरकार शहर में बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी। लेकिन मानसून की दस्तक मात्र ने ही स्मार्ट सिटी झांसी की पोल खोल दी। सारे नगर की सड़के तालाब में बदल गई। कल शाम से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला अभी तक जारी हैं। करीब 3 से 4 इंच बारिश ने ही स्मार्ट सिटी की पोल खोल दी। शहर के कई हिस्सों में सड़के तालाब में तब्दील हो गईं। नगर निगम द्वारा बारिश से पूर्व नालियों की सफाई न कराने के चलते पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। कई इलाकों में घुटने तक पानी भर गया। बारिश में सड़कों के हाल देखकर लोगों ने नगर निगम के लापरवाह रवैये को जिम्मेदार ठहराया। लोगों का कहना है कि जब मानसून की शुरुआत में ही नगर निगम का ये हाल है तो आने वाले समय में अभी बरसात का पूरा सीजन बाकी है। मूसलाधार बारिश हो गई तो शहर का हाल बेहाल हो जाएगा और सड़कें दरिया बन सकती हैं।
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कांवड़ यात्रा में हर बार कुछ अलग रंग होते हैं। इस बार भारत माता की कांवड़ आकर्षक बनी हुई है। कांवड़ यात्रा में कोई नंगे पैर है तो किसी के पैर में पट्टी बंधी हुई है। छाले पड़ चुके हैं। लेकिन, कांवड़ियों के कदम नहीं रुक रहे हैं। दूर-दूर तक सजी हुई कांवड़ रंग बिरंगी रोशनी में यात्रा को और भी आकर्षक बना रही हैं।
भूजल विभाग के अधिशासी अभियंता आदित्य पांडे ने जल संरक्षण के महत्व पर अपने विचार रखते हुए क्लब-60 द्वारा हर संभव तरीके से जल बचत, संचयन व पुनरभरण की सराहना की। गोष्ठी के अंत में डा.सोमेंद्र तोमर ने सभी से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आग्रह किया व इस संबंध में प्रदेश सरकार के प्रयासों की विस्तार से चर्चा की। संगोष्ठी में सभी को जल, पौधे, बिजली व पर्यावरण बचाने की शपथ दिलाई गई तथा शिक्षासेतु द्वारा आयोजित चित्र एवं निबंध प्रतियोगिता के सभी 31 प्रतिभागी बच्चों को प्रशस्ति पत्र, मेडल तथा एक-एक सौ रुपए प्रोत्साहन राशि देकर पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने तथा संचालन हरि विश्नोई ने किया। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रमुख नागरिकों सहित सहायक जल विज्ञानी आशीष गुप्ता, नौरत्न कमल, बी बी शर्मा, आशु रस्तोगी, हरेंद्र सिंह, राजेश अरोड़ा, राजेश रुहेला व मनोज त्यागी आदि मौजूद रहे।














जिलाधिकारी ने मंदिर कमेटी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा ब्रैकेटिंग मजबूत तरीके से लगी होनी चाहिए और श्रद्धालुओं के लिए पानी की व्यवस्था रहे।
श्रावण माह में कांवड़ यात्रा वेस्ट यूपी का अहम पर्व है। इस पर्व पर देशभर के विभिन्न शहरों से शिवभक्त जल लेने हरिद्वार जाते हैं। सड़कों पर कांवड़ियों का सैलाब होता है। उत्तराखंड के हरिद्वार और गोमुख से कांवड़िया जल लेकर अपने शहरों की ओर पैदल ही लौटते हैं और भगवान भोलेनाथ को जल अर्पण करते हैं।