- पहले राउंड में 10 गांवों में हुए सम्मेलन में 18 पुरुषों ने कराई नसबंदी
- परिवार नियोजन पर बेहतर निर्णय लेने के लिए पति-पत्नी दोनों की काउंसलिंग महत्वपूर्ण
मेरठ। परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी को देखते हुए मेरठ के परीक्षितगढ़ ब्लॉक में पायलट प्रोजेक्ट के तहत चल रहे मिस्टर स्मार्ट सम्मेलन स्वास्थ्य विभाग के लिये कारगर साबित हो रहे हैं। पिछले माह ब्लॉक के 10 गांवों में आयोजित हुए मिस्टर स्मार्ट सम्मेलन में पुरुषों में काफी जागरूकता देखने को मिली है। पहले राउंड में 18 पुरुष अभी तक परिवार नियोजन के लिये नसबंदी करा चुके हैं, जबकि कुछ पुरुषों ने विभाग से समय मांगा है।
परीक्षितगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी (एमओआईसी) डा.संदीप गौतम ने बताया प्रदेश सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत परीक्षितगढ़ ब्लॉक में मिस्टर स्मार्ट सम्मेलन करने का फैसला किया था। पहले फेज में 10 गांव में मिस्टर स्मार्ट सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसे राज्य परिवार नियोजन सेवा अभिनवीकरण परियोजना एजेंसी (सिफ्सा ) की ओर से आयोजित किया गया। मिस्टर स्मार्ट सम्मेलन में ग्राम प्रधान ,ब्लॉक प्रमुख समेत विभाग के ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम), कम्युनिटी हेल्थ अफसर सीएचओ,एएनएम,आशा व आशा संगिनियों ने शिरकत की। स्मार्ट सम्मेलन में परिवार नियोजन में भागीदारी के लिये पुरुषों को भी जागरूक किया गया। उन्होंने बताया अभी आयोजित हुए मिस्टर स्मार्ट सम्मेलन का असर में पुरुषों में काफी सकारात्मक देखा जा रहा है। ललियाना गांव से आरंभ हुए सम्मेलनों में पहले फेज में अब तक 18 पुरुषों ने स्वेच्छा से नसबंदी कराई है। उन्होंने बताया इस माह भी ब्लॉक स्तर पर 10 अन्य गांवों में मिस्टर स्मार्ट सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत गावड़ा गांव से हो गयी है।
उन्होंने बताया गांवड़ा गांव में आयोजित सम्मेलन में लखनऊ से सिफ्सा कार्यालय से मिस्टर संदीप व मेरठ मंडल के एफपीएलएमआईएस मैनेजर अखिलेश शामिल हुए । सम्मेलन में ऐसे पुरुषों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने परिवार नियोजन के लिए कदम बढ़ाते हुए स्थाई साधन नसबंदी को अपनाया। सम्मेलन में सम्मानित होने वाले पुरुषों का कहना था कि परिवार नियोजन के लिये जितनी भूमिका महिलाओं की है, उससे कहीं अधिक पुरुषों की भी है। उन्होंने सम्मेलन में आये पुरुषों को परिवार को सीमित रखने के लिये नसबंदी अपनाने की अपील की।
एमओआईसी डा.संदीप गौतम ने बताया पुरुषों के द्वारा नसबंदी कराने से कोई नुकसान नहीं होता है, न ही स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव पड़ता है।परिवार नियोजन पर बेहतर निर्णय लेने के लिए पति-पत्नी दोनों की काउंसलिंग महत्वपूर्ण है।




प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक ग्रेट ब्रिटेन की येमी मेरी ने 51.50 सेकंड में दौड़ पूरी कर जीता। वही केन्या की दमारिष ने 51.71 सेकंड में दौड़ पूरी कर रजत पदक जीता। मेरठ की किसी एथलीट द्वारा जूनियर वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक जीतने का यह पहला मौका है। मेरठ के एथलेटिक्स जगत में इस जीत को लेकर खुशी की लहर दौड़ गई है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कर्मवीर सिंह,सह संगठन मंत्री भाजपा, सोमेन्दर तोमर, ऊर्जा राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, दिनेश खटीक उत्तर प्रदेश सरकार राज्य मंत्री, संजीव जैन सिक्का, प्रोजेक्ट ऑफ राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, सरोजनी अग्रवाल विधान परिषद सदस्य, अश्वनी त्यागी,विधान परिषद सदस्य, मुकेश सिंघल,महानगर अध्यक्ष, विमल शर्मा जिला अध्यक्ष मौजूद रहें। राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने कहा कि रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। कर्मवीर ने कहा हर घर तिरंगा हर जन तिरंगा, तिरंगे क़ो भी रक्षा सूत्र बांधना हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत में रक्षाबंधन का त्यौहार बहुत ही प्राचीन काल से मनाया जाता रहा है, जब सिकंदर ने 300 ईसा पूर्व भारत पर आक्रमण किया था। उस समय भारत के राजा पोरस थे। सिकंदर की पत्नी जानती थी कि राजा पोरस बहुत बहादुर है और वह सिकंदर को मार देगे। सिकंदर की पत्नी यहां के रक्षाबंधन के पर्व को जानती थी। उसने भारत के राजा पोरस के लिए एक राखी भेजी। राजा सिकंदर की पत्नी जानती थी कि राखी पाने के बाद राजा पोरस उनके पति को नहीं मारेंगे। सिकंदर अपनी जीत के नशे में भारत की तरफ बढ़ा, परन्तु राजा पोरस के पहले ही आक्रमण से सिकंदर की बहुत बड़ी सेना मारी गई। राजा पोरस ने सिकंदर को मारने से छोड़ दिया। राजा पोरस ने अपना वादा पूरा किया और सिकंदर की पत्नी द्वारा भेजी हुई राखी की लाज रखते हुए सिकंदर को वापस जाने के लिए कहा, सिकंदर पहली बार अपनी इस हार को देखते हुए भारत से चला गया। यह एक भाई का अपने बहन के प्रति कर्तव्य को जाहिर करता है। उन्होंने कहा यह केवल सगे भाई-बहन का ही नहीं बल्कि कोई भी स्त्री और पुरुष जो इस पर्व की मर्यादा को समझते हैं वह इसका पालन कर सकते हैं। सभी को कर्मवीर ने रक्षाबंधन की बहुत-बहुत बधाइयां दी।








जिलाधिकारी ने कहा अमृत तिरंगा यात्रा में जो भी जनपद वासी अपनी भागीदारी दर्ज कराना चाहता है। वह अपनी बाइक के साथ हेलमेट पहनकर झंडा लेकर उपस्थित हो और अमृत तिरंगा यात्रा महा उत्सव का हिस्सा बने।
अपने सम्बोधन में समूह चेयरमैन डा.सुधीर गिरि ने कहा कि नयी शिक्षा नीति बहुत ही शानदार है जिसमें सभी क्षेत्रो के युवाओ के लिए ढेरो रोजगार की सम्भावनाऐं निहित है, लेकिन नर्सिंग जैसा पुनीत एवं मानवीय सेवा जैसा कोई दूसरा प्रोफेशन हो ही नहीं सकता। नर्सिंग प्रोफेशनल्स का रोल किसी भी मायने में चिकित्सक से कमतर नहीं है। वेंक्टेश्वरा समूह पिछले एक दशक में विभिन्न क्षेत्रों में हजारो स्किल्ड नर्सिंग प्रोफेशनल्स तैयार कर चुका है। ये बड़े गौरव की बात है कि संस्थान के नर्सिंग प्रोफेशनल्स युवा आज देश एवं दुनिया के विभिन्न हॉस्पीटल्स/ स्वास्थ्य संस्थानो में कार्य कर रहे है। लकिन बदलते परिवेश में हमें युवाओ की नयी शिक्षा नीति के अनुरूप राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय जरूरतों के हिसाब से प्रशिक्षित करना होगा ताकि ये युवा राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय मंचो पर अपनी प्रभावी उपस्थित दर्ज कर सके।









धर्म संघ सदस्य राजीव धामा, सुरेंद्र शर्मा, अनुज कौशिक, एडवोकेट जगत सिंह शर्मा, उमेश शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, पुनीत शर्मा, मुख्य पुजारी गोनियांल ने भक्तों को पटका, तुलसीमाला पहनाकर, स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन धर्म संघ के महामंत्री उमेश शर्मा ने किया।
उन्होंने कहा आईजीआरएस पोर्टल पर डिफाल्टर श्रेणी में कोई शिकायत ना आये उनका निस्तारण करे अतः सभी अधिकारी एवं कार्यालय अध्यक्ष सरकार की मंशा के अनुरूप आइजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त हो रही शिकायतों के निस्तारण को लेकर बहुत ही गंभीरता एवं सतर्कता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करें ताकि गुणवत्ता पूर्वक ढंग से सभी शिकायतों का निस्तारण सरकार की मंशा के अनुरूप समय बद्धता के साथ संभव हो और सरकार के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का जनता को भरपूर लाभ मिल सके। इस संबंध में उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए स्पष्ट किया है कि समस्त अधिकारीगण आईजीआरएस पोर्टल की लंबित शिकायतों कि स्वयं समीक्षा करें और उन्हें गहनता के साथ पूर्ण गुणवत्ता के साथ आज ही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुये कहा कि यदि किसी भी अधिकारी के द्वारा आईजीआरएस प्रकरण में लापरवाही बरती जाती है तो सम्बन्धित के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही अमल में लायी जायेंगी।