Sunday, August 2, 2026
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योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाने के लिए हुआ हवन

बागपत के सिसाना गांव में हवन करते लोग

बागपत। सिसाना गांव स्थित श्री गोगा मंदिर में यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें पूर्व महायोगी सतगुरु गौरक्षनाथ व वीर श्री गोगा देव जी महाराज का पूजन किया गया।
महंत योगी आदित्यनाथ महाराज को पुनः उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने व उनकी सरकार की पुनरावृत्ति के लिए इस हवन-यज्ञ व पूजन का आयोजन किया गया। ग्रामवासियो ने कहा कि भाजपा सरकार में अयोध्या में भव्य व दिव्य श्रीराम मंदिर बन रहा है व कश्मीर से धारा 370 व 35 ए हटाई गई। योगी ने उत्तर प्रदेश में सुशासन दिया। यहां कानून का राज स्थापित किया। विकास के अनेकों कार्य कराए। कोरोना काल में अच्छा कार्य किया और स्थिति को नियंत्रण में रखा। इससे प्रदेश की स्थिति व छवि बदली हैं और प्रदेश को अन्य प्रदेशों में अच्छी दृष्टि से देखा जाने लगा। अतएव सुशासन, अच्छी कानून व्यवस्था व विकास कार्यो को सुचारू रखने के लिए योगी का पुन मुख्यमंत्री बनना व उनकी सरकार की पुनरावृत्ति आवश्यक है। हवन व पूजन बागपत स्थित श्री हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित गौतम त्रिपाठी व श्री गोगा मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अर्जुन मिश्रा ने कराया। इस अवसर पूर्व प्रधान प्रताप सिंह, कृपाल नंबरदार, मास्टर सतवीर सिंह, हुकुम सिंह, अनिल, सुनील, बलवीर, संजय, प्रदीप कुमार, सुरेंद्र, विक्रांत, विनीत चौहान आदि मौजूद थे।

नवदंपति को आंखे ने पौधा भेंट किया

बडौत: नगर स्थित द राॅयल स्टैप में सम्पन्न हुये शादी समारोह में नव दम्पति को आँखें के पर्यावरण संरक्षकों ने प्रतिवर्ष शादी की प्रत्येक वर्षगाँठ पर पौधा रोपण के संकल्प के साथ भेंट किया पौधा।
नगर स्थित द राॅयल स्टैप में शादी के पवित्र बन्धन में बन्धे नव दम्पति प्रियांशी सुपुत्री अमरपाल तोमर निवासी किशनपुर बिराल (बागपत) एवं अंकुर सुपुत्र अरविन्द सिंह निवासी पल्लवपुरम (मेरठ) को “विवाह संस्कार में पौधा रोपण संस्कार अभियान” के तहत आँखें के पर्यावरण संरक्षक समाजसेवी आर.आर.डी.उपाध्याय एवं एडवोकेट रवि कुमार ने प्रतिवर्ष शादी की प्रत्येक वर्षगाँठ पर पौधा रोपण के संकल्प के साथ भेंट किया पौधा।
समाजसेवी आर.आर.डी.उपाध्याय ने कहाकि प्रदुषित वातावरण से लेकर ओजोन की परत के बढते हुए हाॅल तक का सरल और साधारण उपाय पौधों का रोपण और संरक्षण है। पृथ्वी पर आने वाले संकट के समाधान के लिए हमें प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर गीता, दादी समन्द्री, सविता, विधि, मायरा, हर्ष, आकाश, अर्जुन, विराट, रवि, निहाल, ईश्वर सिंह, राजपाल, अमरपाल, मनोज उज्जवल, नरेश तोमर, अनंगपाल, सहन्सरपाल, मास्टर राकेश सरोहा, सुभाष, पुष्पेन्द्र, धीर सिंह, दीपक, आदि उपस्थित रहे।

यूपी विधानसभा चुनाव 2022: वर्चुअल रैली में बोले पीएम मोदी- आज यूपी की बेटियां घर से निकलने से नहीं डरतीं, अपराधी थर-थर कांप रहे हैं

वर्चुअल रैली में बोले पीएम मोदी- आज यूपी की बेटियां घर से निकलने से नहीं डरतीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यूपी के लोगों ने दो टूक कह दिया है कि धन-दौलत, बाहुबल, जातिवाद, संप्रदायवाद के दम पर भले कुछ लोग कितनी ही राजनीति कर लें लेकिन वो जनता का प्यार नहीं पा सकते। जनता का आशीर्वाद तो उसे ही मिलेगा जो सेवा भावना से सेवक बनकर यूपी के लोगों की सेवा करेगा, यूपी के लोगों का विकास करेगा।
लखनऊ: पीएम मोदी ने जन चौपाल कार्यक्रम में रविवार को मथुरा,आगरा,बुलंदशहर के मतदाताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज हम सभी के लिए बहुत ही दुःखद खबर आई है। हमारी लता दीदी आज हमें छोड़कर चली गई हैं, परमात्मा में विलीन हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कल ही वसंत पंचमी का पर्व था, मां शारदा की हम आराधना कर रहे थे। जिनके कंठ से मां सरस्वती का आशीर्वाद छोटे बड़े हर किसी को मिलता था, वो लता दी ब्रह्मलोक की यात्रा पर चली गई। उनके व्यक्तित्व का विस्तार सिर्फ गानों की संख्या पर सीमित नहीं था। मेरे जैसे अनेकों लोग हैं जो गर्व से कहेंगे कि लता दीदी के साथ उनका निकट संबंध था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि UP भारत का दिल है, धड़कन है। यूपी ने हमेशा देश को दिशा दिखाई है। और आज फिर यूपी देश को नया रास्ता दिखा रहा है।
पीएम नरेंद्र मोदी कहा कि यूपी के लोगों ने दो टूक कह दिया है कि धन-दौलत, बाहुबल, जातिवाद, संप्रदायवाद के दम पर भले कुछ लोग कितनी ही राजनीति कर लें लेकिन वो जनता का प्यार नहीं पा सकते। जनता का आशीर्वाद तो उसे ही मिलेगा जो सेवा भावना से सेवक बनकर यूपी के लोगों की सेवा करेगा, यूपी के लोगों का विकास करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि जो पहले सरकार में थे उन्हें ना तो आप लोगों की आस्था से मतलब रहा है और आप लोगों की जरूरतों से। उनका सिर्फ एक ही एजेंडा रहा है- यूपी को लूटो। उन्हें यूपी के विकास से कोई वास्ता नहीं हैं उन्हें बस सरकार बनाने से मतलब रहा है।
अपने घरों से पलायन करने के लिए मजबूर थे लोग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछली सरकार में अपराधियों के हौसले इतने बुलन्द थे कि हाइवे पर गाड़ी रोक कर गाड़ियों से लूट पाट की जाती थी। बीच हाइवे पर ही महिलाओं, बेटियों के साथ क्या होता था बुलंदशहर के लोग ये अच्छी तरह जानते हैं। तब उत्तर प्रदेश में घरों-दुकानों पर अवैध कब्जे होना आम बात थी। लोग अपना घर छोड़कर पलायन को मजबूर होते थे। आगरा के दंगों में आरोपियों के सिर पर किसका हाथ था, ये आप भलीभांति जानते हैं।
पहले की सरकारें खेलती थीं तिजोरी भरने का खेल
पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकारे भय निर्माण में जुटी थी, भय निर्माण करना उनका काम था। हम भविष्य का निर्माण कर रहें हैं। अब रिकार्ड हाईवे भी बन रहे हैं और उन हाइवेज़ पर लोग निडर होकर सफर भी कर रहे हैं। आज यूपी में बहनें-बेटियां खुले दिल से कह रही कह रही हैं- पहले हमें घर से निकलने में लगता था डर, अब भाजपा राज में अपराधी कांपे थर-थर। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों का एक और पसंदीदा खेल होता था। तिजोरियों को भरने का खेल, सब मिलकर खेलते थे, मिलकर खाते थे। आज ऐसे लोगों का पूरा खेल बिगड़ गया है। पहले परिवार ही सरकार थी, अब पूरा यूपी भाजपा सरकार का परिवार है।
गरीब को सशक्त करना हमारा उद्देश्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि परिवारवादी सरकारों के लिए सत्ता शासन का माध्यम थी। हमारे लिए सत्ता जनता की सेवा करने का रास्ता है। हम लगातार इसी उद्देश्य से काम कर रहे हैं। हमारी सरकार गांव, गरीब को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। पिछले 2 साल से पूरी दुनिया कोरोना महामारी से परेशान है। महामारी की शुरुआत में बहुत से लोगों ने कईं तरह की आशंकाएं जताई थी। वो लोग सोचते थे कि कैसे हमारे गांव, हमारे गरीब इस महामारी से खुद को बचा पाएंगे। पीेएम मोदी ने कहा कि लेकिन आज 2 साल के बाद भारत के प्रयासों से दुनिया सीख रही है। पिछले 2 साल से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से हमनें करोड़ों लोगों मुफ्त राशन पहुंचाया है। इसका बहुत बड़ा लाभ यूपी के लोगों को हुआ है। गरीबों, दलितों और पिछड़ों को हुआ है और आज भी हो रहा है।

लता मंगेशकर के सम्मान में 2 दिन का राष्ट्रीय शोक, जानें कैसे होती है इसकी घोषणा और क्या कुछ बदल जाता है

राष्ट्रीय शोक का एक महत्वपूर्ण पहलू राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार भी है। लेकिन यह जरूरी नहीं कि राजकीय सम्मान से अंत्येष्टि होने पर हर बार राष्ट्रीय या राजकीय शोक घोषित किया जाए।
नई दिल्ली: सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर के निधन पर सरकार ने दो दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। लता मंगेशकर के निधन पर देशभर में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि देश ने अपनी आवाज खो दी। लता मंगेशकर देश के लिए धरोहर से कम नहीं थीं। उन्हें वर्ष 2001 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजा गया था। लता मंगेशकर की चर्चा होते ही हमारा मन श्रद्धा, प्रेम और सम्मान से भर जाता है। न केवल देश में, बल्कि दुनियाभर में उनके करोड़ों चाहनेवाले हैं। स्वर कोकिला लता जी के निधन के बाद कला, साहित्य, सिनेमा, खेल… हर क्षेत्र के लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। देश में 2 दिन का राष्ट्रीय शोक रहेगा और पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
क्या आप जानते हैं कि किसी के निधन पर कैसे राष्ट्रीय शोक की घोषणा की जाती है? क्या ऐसे में सरकारी संस्थानों में छुट्टी रहती है? राजकीय शोक के दौरान कितना कुछ बदल जाता है? आइए जानते हैं इस बारे में:
पहले ऐसा था राष्ट्रीय शोक का नियम
राष्ट्रीय शोक घोषित करने का नियम पहले सीमित लोगों के लिए था। पहले देश में केवल राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रह चुके लोगों के निधन पर राजकीय या राष्ट्रीय शोक की घोषणा की जाती थी। हालांकि आजादी के बाद स्वतंत्र भारत में पहला राष्ट्रीय शोक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के बाद घोषित किया गया था। वे राष्ट्रपिता माने जाते हैं। उनके निधन के बाद जो नियम थे, उसके अनुसार पद पर रहते हुए प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति का निधन हो जाने पर या फिर पूर्व में प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति रह चुके व्यक्ति का निधन होने पर देश में राष्ट्रीय शोक की घोषणा की जाती थी।
अब गणमान्य व्यक्ति के निधन पर भी होती है घोषणा
समय के साथ राष्ट्रीय शोक के नियम में बदलाव किए गए। बदले गए नियमों के मुताबिक, गणमान्य व्यक्तियों के मामले में भी केंद्र को यह अधिकार दिया गया कि विशेष निर्देश जारी कर सरकार राष्ट्रीय शोक का ऐलान कर सकती है। इतना ही नहीं, देश में किसी बड़ी आपदा के वक्त भी ‘राष्ट्रीय शोक’ घोषित किया जा सकता है।
राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार
राष्ट्रीय शोक का एक महत्वपूर्ण पहलू राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार भी है। लेकिन यह जरूरी नहीं कि राजकीय सम्मान से अंत्येष्टि होने पर हर बार राष्ट्रीय या राजकीय शोक घोषित किया जाए। फिल्म अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन पर उनकी अंत्येष्टि राजकीय सम्मान से हुई थी, लेकिन राष्ट्रीय शोक नहीं घोषित किया गया था। भारतीय सेना या अन्य फोर्स में शहीद हुए जवानों की अंत्येष्टि भी राजकीय सम्मान के साथ की जाती है, लेकिन राजकीय शोक की घोषणा नहीं होती। यानी कि राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार और राष्ट्रीय शोक अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं।
कौन कर सकता है इसकी घोषणा?
राष्ट्रीय या राजकीय शोक की घोषणा पहले केवल केंद्र से होती थी। केंद्र सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति ही कर सकते थे, लेकिन बदले नियमों के अनुसार, राज्यों को भी यह अधिकार दिया जा चुका है। अब राज्य खुद तय कर सकते हैं कि किसे राजकीय सम्मान देना है। केंद्र और राज्य सरकारें अलग-अलग राजकीय शोक घोषित करते हैं। जैसे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर हुआ था। केंद्र और राज्य सरकारों ने अलग-अलग घोषणाएं की थीं।
आधा झुका हुआ रहता है राष्ट्रीय ध्वज
फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के मुताबिक, राष्ट्रीय शोक के दौरान सचिवालय, विधानसभा समेत सभी महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों में लगे राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहते हैं। वहीं, देश के बाहर भारतीय दूतावासों और उच्‍चायोगों में भी राष्‍ट्रीय ध्‍वज को भी आधा झुकाया जाता है। इसके अलावा किसी तरह के औपचारिक और सरकारी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाता। राजकीय शोक की अवधि के दौरान समारोहों और आधिकारिक मनोरंजन की भी मनाही रहती है।
राष्ट्रीय शोक के दौरान क्या सार्वजनिक अवकाश होता है?
केंद्र सरकार के 1997 में जारी नोटिफिकेशन के अनुसार राजकीय शवयात्रा के दौरान कोई सार्वजनिक छुट्टी अनिवार्य नहीं है। इसका प्रावधान खत्म कर दिया गया है। हां, लेकिन राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए किसी व्यक्त‍ि का निधन हो जाए, तो छुट्टी होती है। हालांकि सरकारों के पास किसी गणमान्य व्यक्ति के निधन के बाद सार्वजनिक अवकाश की घोषणा का अधिकार है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी के निधन पर कई राज्यों में एक दिन का सार्वजनिक अवकाश और 7 दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया था।

 

लता मंगेशकर के निधन पर पीएम बोले- बेहद पीड़ा में हूं, जानें अन्य नेताओं ने क्या कहा

लता मंगेश्‍कर के निधन से आज पूरा देश गमगीन है। अपनी आवाज के जरिए गीतों में जान फूंकने वाली लता मंगेश्‍कर के निधन के साथ एक स्‍वर्णीम युग का भी अंत हो गया है। उनकी आवाज का जादू हमेशा देशवासियों पर राज करता रहेगा।

भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन पर पूरे देश में शोक की लहर है। उनके निधन पर नेताओं ने शोक प्रकट करते हुए, इसे देश के लिए बड़ी क्षति बताया।
नई दिल्लीः भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनको 8 जनवरी को कोरोना संक्रमित होने के बादत ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लता मंगेशकर के निधन की खबर से मनोरंजन जगत में सन्नाटा पसर गया है। उनके निधन पर नेताओं ने उनके निधन को देश के लिए क्षति बताया है।
राष्ट्रपति ने किया शोक व्यक्त
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि “भारत रत्न, लता-जी की उपलब्धियां अतुलनीय रहेंगी।
पीएम ने कहा-देश के लिए छोड़ गई खालीपन
मशहूर गायिका लता मंगेशकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘पीड़ा’ व्यक्त करने हुए दयालु और देखभाल करने वाली लता दीदी हमें छोड़कर चली गई हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि वह हमारे देश में एक खालीपन छोड़ गई है, जिसे भरा नहीं जा सकता है। आने वाली पीढ़ियां उन्हें भारतीय संस्कृति के एक दिग्गज के रूप में याद रखेंगी, जिनकी सुरीली आवाज में लोगों को मंत्रमुग्ध करने की अद्वितीय क्षमता थी।
पीए मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि लता दीदी के गानों ने कई तरह के इमोशन्स को उभारा। उन्होंने दशकों तक भारतीय फिल्म जगत के बदलावों को करीब से देखा। फिल्मों से परे, वह हमेशा भारत के विकास के बारे में भावुक थीं। वह हमेशा एक मजबूत और विकसित भारत देखना चाहती थीं। मैं इसे अपना सम्मान मानता हूं कि मुझे हमेशा लता दीदी से अपार स्नेह मिला है। उनके साथ मेरी बातचीत अविस्मरणीय रहेगी। लता दीदी के निधन पर मुझे अपने साथी भारतीयों के साथ शोक है। उनके परिवार से बात की और संवेदना व्यक्त की। ओम शांति।
गृह मंत्री ने बताया व्यक्तिगत क्षति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि “संगीत जगत में उनके योगदान को शब्दों में बयां करना संभव नहीं है। उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है।”
राहुल ने कहा-प्रशंसकों के दिल में रहेगी आवाज
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि लता मंगेशकर जी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त किया। वह कई दशकों तक भारत की सबसे प्रिय आवाज बनी रहीं। उनकी सुनहरी आवाज अमर है और उनके प्रशंसकों के दिलों में गूंजती रहेगी। उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।
संगीत रखा जाएगा पीढ़ियों तक याद
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि लता मंगेशकर का निधन देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उनका संगीत कई पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। मैं प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले।
केजरीवाल ने बताया युग की समाप्ति
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि भारत की स्वर कोकिला महान लता मंगेशकर जी का निधन भारत में संगीत के एक युग की समाप्ति है। उनकी सुरीली आवाज़ हम सबके बीच और पूरी दुनिया में सदा अमर रहेगी। प्रभु से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। ओम शांति।
डा.सुभाष चंद्रा ने कहा-राष्ट्र ने खोया राग का स्रोत
राज्य सभा सदस्य डा.सुभाष चंद्रा ने भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन पर ट्वीट करते हुए लिखा कि राष्ट्र ने आज राग का स्रोत खो दिया है! एक युग का अंत। भगवान लता दीदी की आत्मा को शांति दे। इस परिमाण के नुकसान को व्यक्त करने के लिए शब्द कभी भी पर्याप्त नहीं होते हैं।
प्रियंका ने बताया कला जगत की अपूर्णीय क्षति
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी सुर साम्राज्ञी के निधन पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि भारतीय संगीत की बगिया में सुरों को चुन-चुन कर सजाने वाली सुर साम्राज्ञी सुश्री लता मंगेशकर जी के निधन का दुखद समाचार मिला। उनके निधन से भारतीय कला जगत को एक अपूर्णीय क्षति हुई है। ईश्वर लता जी को श्री चरणों में स्थान दें और इस दुःख की घड़ी में परिजनों को कष्ट सहने का साहस दें।
अखिलेश यादव ने जताया दुख
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लता मंगेशकर के निधन पर दुख जताते हुए ट्वीट कर लिखा कि ए मेरे वतन के लोगों… जरा याद करो स्वर-वाणी…भावभीनी श्रद्धांजलि!
उनके जैसा कोई गा नहीं सकता
बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि लता मंगेशकर इतनी बड़ी कलाकार और व्यक्तित्व थीं। मैंने उनके साथ 200 फिल्मों में काम किया है और मैं भाग्यशाली हूं कि मैंने उनके द्वारा गाए गए हिट गानों पर परफॉर्म किया। उनके जैसा कोई नहीं गा सकता, वह बहुत खास थीं। उनका निधन बहुत दुखद है।

 

वेंक्टेश्वरा में बसन्त पंचमी पर मां सरस्वती पूजन के साथ साँस्कृतिक कार्यक्रम “बसन्तोत्सव-2022” की धूम

  • विद्या, ज्ञान, कला, साहित्य एवं संगीत की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की आराधना शिक्षण संस्थानो का सबसे बडा महापर्व- डा.सुधीर गिरि
  • मूर्खता एवं अज्ञान रूपी अंधकार को विद्या के प्रकाश से आलोकित करने वाली माँ भगवती की पूजा छात्र-छात्राओ के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी महत्वपूर्ण एवं जीवन मूल्यो को आगे ले जाने वाली- डा. राजीव त्यागी

मेरठ। वेंक्टेश्वरा संस्थान में विद्या, ज्ञान, कला एवं संगीत की आराध्य देवी माँ सरस्वती के प्रकटोत्सव “बसन्त पंचमी” पर विधि विधान के साथ माँ सरस्वती की पूजा अर्चना की गयी। इस अवसर पर वेंक्टेश्वरा संस्थान के छात्र-छात्राओ ने विभिन्न साँस्कृतिक कार्यक्रमो पर प्रस्तुतियाँ देकर “बसन्तोत्सव-2022” को यादगार बना दिया।
वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान के डा.सी.वी.रमन सभागार में बसन्त पंचमी पर आयोजित मां सरस्वती/भगवती पूजन एवं सांस्कृतिक आयोजन “बसन्तोत्सव-2022” का शुभारम्भ वेंक्टेश्वरा समूह के चेयरमैन डा. सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डा.राजीव त्यागी, कुलपति प्रो.पी.के.भारती, कुलसचिव डा.पीयूष पाण्डे आदि ने सरस्वती माँ की प्रतिमा के सन्मुख पुष्प् अर्पित एवं दीप प्रज्जवलित करके किया।
“बसन्तोत्सव-2022” को सम्बोधित करते हुए समूह चेयरमैन डा.सुधीर गिरि ने कहा कि जिस तरह शिवजी की शक्ति माँ पार्वती, भगवान विष्णु की शक्ति माँ लक्ष्मी है, उसी तरह मां सरस्वती जी को भगवान ब्रहा की शक्ति कहा गया है। विद्या, ज्ञान, कला, साहित्य एवं संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां भगवती के आराधना से बडा कोई पर्व शिक्षा जगत के लिए नहीं होता है।
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डा.राजीव त्यागी ने कहा कि मूर्खता एवं अज्ञान रूपी अंधकार को ज्ञान एवं विद्या के प्रकाश से आलोकित करने वाली माँ सरस्वती की आराधना का महत्व छात्र-छात्राओ एवं शिक्षक-शिक्षकाओ दोनो के लिए छात्र-छात्राओ एवं शिक्षक-शिक्षकाओ दोनो के लिए बराबर फलदायी एवं उच्च जीवन मूल्यो को निर्धारित करने वाला है।
बसन्तोत्सव-2.22 को कुलपति प्रो.पी.के.भारती एवं कुलसचिव डा.पीयूष पाण्डे ने भी सम्बोधित किया। इसके बाद छात्र-छात्राओ ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किय।
इस अवसर पर मेरठ परिसर निदेशक डा.प्रभात श्रीवास्तव, निदेशक एकेडमिक डा.राकेश यादव, निदेशक एडमिशन अलका सिंह, निदेशक रिसर्च डा.राजेश सिंह, डा.एना ब्राउन, वर्षा यादव, डा.उमेश सिंह, एस.एस.बघेल, डा.सी.पी.कुशवाहा, डा.संजय तिवारी, अरूण गोस्वामी, दीपक सिंह, ब्रजपाल सिंह, विश्वास त्यागी, अभिनव राणा, अंजलि शर्मा, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।

सपा के प्रदेश सचिव राजेंद्र गुरुजी ने चंदौसी सपा प्रत्याशी विमलेश कुमारी के लिए विधानसभा में घर-घर जाकर मांगे वोट

सपा सरकार की उपलब्धियों का हवाला देकर जनता से की पार्टी को वोट देने की अपील
दिव्य विश्वास संवाददाता,चंदौसी। समाजवादी पार्टी के प्रचार का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है। पार्टी के पदाधिकारी व जिम्मेदार लोग लगातार जनसंपर्क कर लोगोें से सपा प्रत्याशियों को वोट देने की अपील कर रहे हैं। इसी कड़ी में सपा के प्रदेश सचिव राजेंद्र गुरुजी के साथ कार्यकर्ताओं ने चंदौसी विधानसभा के ग्रामों में घर-घर जाकर पार्टी प्रत्याशी विमलेश कुमारी को भारी बहुमत से चुनाव जिताने की अपील की।
इस दौरान राजेंद्र गुरूजी ने लोगों को बताया कि यदि इस बार प्रदेश में सपा की सरकार बनती है उनको किस प्रकार से सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 300 यूनिट तक घरेलू बिजली और ट्यूबवैल की पूरी बिजली फ्री करने की घोषणा कर रखी है, इसलिए सपा को वोट देने से गरीबों का बहुत भला होने वाला है। कहा कि सपा हमेशा से ही किसानों की हितैषी पार्टी रही है। सपा के कार्यकाल में लगातार गन्ने का मूल्या बढ़ाया गया जबकि भाजपा ने चार साल में केवल इस साल मूल्य बढ़ाया। कई गन्ना मिलों पर सैकड़ों करोड़ रुपये किसानों का बकाया है, लेकिन सरकार की ओर से इस पर कभी कोई एक्शन नहीं लिया गया। इस दौरान राजेंद्र गुरुजी के साथ चंदौसी विधान सभा की पार्टी प्रत्याशी विमलेश कुमारी, सपा के सम्भल जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी, मोहित कुमार बिल्सी वाले, अर्जुन सिंह सरदार,हरज्ञान सिंह आदि पार्टी कार्यकर्ता साथ रहे।

सुभारती विश्वविद्यालय में बसंतोत्सव-2022 का हुआ भव्य आयोजन

मेरठ। स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय में बसंतोत्सव धूमधाम से मनाया गया। नन्दलाल बोस सुभारती कॉलिज ऑफ फाइन आर्ट्स एंड फैशन डिजाइन के परफॅार्मिंग आर्ट्स विभाग की ओर से बसंत पंचमी पर्व पर बसंतोत्सव-2022 संगीत व नृत्य फैस्टिवल का आयोजन किया गया। इसके साथ ही सुभारती लॉ कॉलिज,शिक्षा संकाय,शारीरिक शिक्षा विभाग समेत विश्वविद्यालय में बसंतोत्सव का उत्साह देखने को मिला और सभी जगह मां सरस्वती का पूजन हुआ।
फाइन आर्ट्स कॉलिज में मां सरस्वती की प्रतिमा का पूजन व दीप प्रज्जवलित कर सरस्वती श्लोक के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।
कुलपति प्रो.डा.जी.के.थपलियाल,लोकप्रिय अस्पताल के निदेशक डा.रोहित रविन्द्र,मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा.शल्या राज, सुभारती अस्पताल के चिकित्सा उपाधीक्षक डा.कृष्णा मूर्ति व डा.आकांक्षा एवं सुभारती मीडिया के सीईओ डा.आर.पी.सिंह ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन करके कार्यक्रम का शुभांरभ किया।
फाइन आर्ट्स के प्राचार्य प्रो.डा.पिन्टू मिश्रा व विभागाध्यक्षा डा. भावना ग्रोवर व डा.प्रीति गुप्ता ने सभी अतिथियों को पौधा भेंट कर स्वागत किया।
सांगीतिक कार्यक्रमों में परफार्मिंग आर्टस विभाग के बी.पी.ए. के विद्यार्थियों आलिया खान,आलिमा खान, दर्शिनी व छात्र अंकुश प्रजापति द्वारा सरस्वती वन्दना ‘हमारी सुनो वन्दना शारदे मां’ की मनमोहक प्रस्तुति दी गयी। उसके बाद बी.पी.ए.कत्थक की छात्रा रिया महरोत्रा ने एकल कत्थक नृत्य में स्तुति, तीनताल द्रुतलय में तोड़े,टुकड़े परने व अन्त में ठुमरी में भाव प्रदर्शित करते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। कृष्ण नन्दिनी द्वारा कत्थक नृत्य तीनताल में तोड़े टुकड़े आदि प्रस्तुत किये गये।
बी.पी.ए.की छात्रा आलिमा खान व आलिया खान द्वारा राग शंकरा में द्रुतख्याल ‘एरी सजनी’तानें व तराना प्रस्तुत किया गया तथा संस्थापिका संघमाता डा.मुक्ति भटनागर को समर्पित करते हुये गज़ल “मौसम आयेगें जायेगें हम तुमको न भूल पायेगें” का गायन प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया
बी.पी.ए.कत्थक की छात्रा पीहू ने एकल कत्थक नृत्य में तीनताल तराना व बांसुरी वादन प्रस्तुत किया। अथर्व और कृष्ण नन्दनी द्वारा भजन ‘छोटी-छोटी गईया छोटे-छोटे ग्वाल’ प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में तबले पर संगति अभिषेक मिश्रा व हारमोनियम पर संगति की मेहराज़ खां साहब ने की।
कुलपति डा.जी.के.थपलियाल एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सुन्दर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए परफार्मिंग आर्टस विभाग की प्रशंसा की तथा आर्शीवचनों के साथ बसंत पंचमी के महत्व को बताया। विभागाध्यक्षा डा.भावना ग्रोवर ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने बसंत पंचमी की महत्ता बताते हुए कहा कि यह दिन कलाकारों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन वे अपने वाद्यों तथा घुंघरूओं की पूजा करके मां सरस्वती से संगीत में सिद्धि प्राप्त करने का आर्शीवाद पाते हैं।
मंच का सफल संचालन संगीत विभाग की प्रवक्ता डा.आकांक्षा सारस्वत ने किया। मां सरस्वती की आरती करके कार्यक्रम का समापन किया गया। बसन्तोत्सव कार्यक्रम का सफल आयोजन करने में परफॅार्मिंग आर्ट्स विभाग के सभी शिक्षको डा.प्रीति गुप्ता,अभिषेक मिश्रा, निशि चौहान, श्वेता भारद्वाज व छात्र-छात्राओं का सम्पूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम में विशेष सहयोग विभागाध्यक्षा एनीमेशन विभाग विधि खंडेलवाल व आईटी विभाग के विशाल सिंह का रहा।

पूर्व सैनिकों ने दिया अमित अग्रवाल को समर्थन

मेरठ: भारतीय जनता पार्टी मेरठ कैंट विधानसभा प्रत्याशी अमित अग्रवाल को समर्थन देने के लिए अखिल भारतीय पूर्व सैनिक परिषद ने शनिवार को रोहटा रोड स्थित राधा मोहन सत्संग भवन में एक बैठक का आयोजन किया। प्रत्याशी अमित अग्रवाल के पहुंचने पर सभी सैनिकों ने मंच पर अमित अग्रवाल का माल्यार्पण स्वागत किया व भाजपा के पक्ष में मतदान करने का वादा किया।
पूर्व सैन्य कर्मियों को संबोधित करते हुए अमित अग्रवाल ने कहाकि सीमा पर जवान और खेत में किसान जब तक है तब तक प्रत्येक भारतवासी सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि सैन्य कर्मियों की वर्षो से चली आ रही वन रैंक वन पेंशन की मांग को मोदी ने केंद्र में सरकार बनते ही स्वीकृत किया तथा सेना को आधुनिक सैन्य उपकरणों से सुसज्जित किया जो कि पूर्व की सरकारों द्वारा नहीं किया गया था।
आज हमारे देश की सेना में उच्च तकनीकी युक्त लड़ाकू विमान शामिल है। इस अवसर पर कर्नल बक्शी तिलोकचंद सहित सैकड़ों की संख्या में पूर्व सैन्य कर्मी उपस्थित रहे।

राजपूत समाज ने दिया अमित अग्रवाल को समर्थन

मेरठ: भारतीय जनता पार्टी मेरठ कैंट प्रत्याशी अमित अग्रवाल के पक्ष में राजपूत समाज ने शांति फार्म में एक बैठक का आयोजन किया। सभा में पहुंचने पर प्रत्याशी अमित अग्रवाल को पगड़ी पहनाकर व तलवार भेंट कर उनका स्वागत किया गया।
अमित अग्रवाल ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि राजपूत समाज सदैव भाजपा के साथ ही रहा है।वहा उपस्थित सभी लोगों ने भाजपा को वोट देने का वादा किया। इस अवसर पर जय वीर सिंह, कैप्टन प्रेमपाल सिंह, हरवीर सिंह राणा, अरुण चौहान, सुभाष राणा, दिनेश पवार, शक्ति सिंह, अनिल पुंडीर, सुरेश पुंडीर, अमर चौहान, प्रेम तोमर, अंकुर कुशवाह, गुल्लू ठाकुर सहित सैकड़ों व्यक्ति उपस्थित रहे।

भाजपा प्रत्याशी रामवीर उपाध्याय के लिए उनकी पुत्री नीति उपाध्याय शर्मा ने मांगे वोट

सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में अपने पिता भाजपा प्रत्याशी रामवीर उपाध्याय के लिए नीति उपाध्याय शर्मा प्रचार करती हुई।

हाथरस: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में राजनीतिक पार्टियों के अलावा उम्मीदवार के घरवाले भी प्रचार में पूरी भूमिका अदा कर रहे हैं। घरवाले प्रचार की कमान संभाले हुए हैं और अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए घर-घर जनसंपर्क कर रहे हैं और मतदाताओं से वोट मांग रहे हैं। ऐसा ही कुछ सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में अपने पिता भाजपा प्रत्याशी रामवीर उपाध्याय की बेटी नीति उपाध्याय कर रही हैं,जिन्होंने अपने पिता के लिए प्रचार की कमान संभाल रखी है।
शुक्रवार को सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में अपने पिता भाजपा प्रत्याशी रामवीर उपाध्याय के लिए नीति उपाध्याय शर्मा ने कश्यप नगर, नंगला केसरी, देवनगर, नई बस्ती में घर-घर जाकर अपने पिता के लिए वोट मांगे।
नीति उपाध्याय शर्मा घर-घर जाकर महिलाओं को समझा रही हैं कि उनके पिता ने हाथरस को जिला बनवाया व क्षेत्र में 24 घंटे बिजली की व्यवस्था कराई। उनके पिता विकास कराने में विश्वास रखते हैं। नीति उपाध्याय शर्मा घर-घर जाकर अपने पिता के लिए विकास के नाम पर भाजपा को वोट देने की अपील कर रही हैं।
प्रचार के दौरान उनके साथ मनोरमा शर्मा, दीपशिखा, रश्मि गौतम, अनुज तिवारी, आरती गौतम, सरस्वती देवी, योगेश भारद्वाज( निजी सचिव), मुकुल पराशर, कृष्णम गौतम, अलका कुलश्रेष्ठ, अंकित दीक्षित, शैलेंद्र पचोरी, दिनेश सिसोदिया, पंकज गर्ग, आकाश उपाध्याय, कौशल, विशाल उपाध्याय, विवेक गौतम, नितिन शर्मा, मनोज सोनी, विशाल पाराशर, लक्ष्मीकांत शर्मा, अंकित शर्मा, शोभित, बबलू आदि मौजूद रहे।

यूपी विधानसभा चुनाव: सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर शहर से किया नामांकन, गृह मंत्री अमित शाह भी रहे मौजूद

सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर शहर से पर्चा भर दिया है। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैंने भुवनेश्वर कार्यकारिणी में कहा था कि जो बचे हुए हैं वो भी एकत्र हो जाओ और कर लो दो दो हाथ, हम फिर से एक बार दो तिहाई से बहुमत से सरकार बनाएंगे। मोदी जी के नेतृत्व में फिर से 65 सीटें आई।
गोरखपुर: सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर शहर से नामांकन कर दिया है। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। सीएम योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर में नामांकन से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनसभा की। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा आज उत्तर प्रदेश के इतिहास में फिर से एक बार भाजपा इतिहास दोहराने जा रही है। 2014, 2017 और 2019 तीनों चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता ने मोदी जी के नेतृत्व में यूपी के विकास का रास्ता तैयार कर प्रचंड बहुमत दिया है। उन्होंने आगे कहा कि आज योगी जी के नामांकन करने के साथ ही फिर से एक बार भाजपा यहां से 300 पार के संकल्प के साथ पूरे यूपी में आगे बढ़ रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की महान जनता ने 2017 के विधानसभा चुनाव में भी 300 से अधिक सीटों के साथ हमें बहुमत दिया। फिर भाजपा ने योगी आदित्यनाथ जी को मुख्यमंत्री बनाया।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2 साल तक योगी जी ने यहां सुशासन की नीवं डालने का काम किया, उसको देखते हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में सारे विपक्षी दलों ने एकत्र होकर महागठबंधन बनाया। उन्होंने कहा कि मोदी जी भी उत्तर प्रदेश से ही सांसद बनकर गए हैं। मोदी जी हमेशा कहते हैं कि जबतक उत्तर प्रदेश का विकास नहीं होता, देश का विकास असंभव है। मोदी जी हमेशा गरीब, पिछड़े, दलित, आदिवासी इनके उत्थान के लिए लगे रहे हैं।
पूरा विपक्ष इक्ट्ठा हो गया था
अमित शाह ने कहा कि मैंने भुवनेश्वर कार्यकारिणी में कहा था कि जो बचे हुए हैं वो भी एकत्र हो जाओ और कर लो दो दो हाथ, हम फिर से एक बार दो तिहाई से बहुमत से सरकार बनाएंगे। मोदी जी के नेतृत्व में फिर से 65 सीटें आई। आज विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, उनको तो लगता है कोरोना के कारण सभाएं सीमित हो गई हैं, लोगों के बीच जाना नहीं पड़ रहा है। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि भैया जो अपप्रचार करना है कर लो, उत्तर प्रदेश की जनता भाजपा के साथ है, भाजपा को फिर से 300 के पार सीटें मिलने वाली हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक जमाने में यूपी-बिहार को माफियाओं के छुपने का स्थान माना जाता था। आज उत्तर प्रदेश के विकास में गोरखपुर का मतलब है: G – गंगा एक्सप्रस-वे, O – ऑर्गेनिक कृषि, R – रोड,  A – एम्स, K, H – खाद का कारखाना P, U – पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे R – रीजनल मेडिकल सेंटर।
सीएम योगी ने किया रूद्राभिषेक
वहीं इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में “रुद्राभिषेक” और “हवन पूजा” की। आज सुबह सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर की पहली मंजिल पर स्थित शक्ति मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान शंकर का रुद्राभिषेक और हवन किया। इसके बाद सीएम योगी गुरु गोरखनाथ की पूजा कर ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवद्यनाथ की मूर्तियों पर आशीर्वाद लिया।

6 फरवरी के बाद से खुलेंगे यूपी के स्कूल-कॉलेज, सीएम योगी ने किया ऐलान

  • यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 फरवरी के बाद से स्कूल व कॉलेज खोलने का ऐलान किया है। हालांकि, इस दौरान कोविड गाइडलाइंस का पालन करना होगा।

लखनऊ: देश में कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ रही है। रोजाना नए मामलों की संख्या में गिरावट देखी जा रही है। ऐसे में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 फरवरी के बाद से स्कूल व कॉलेज खोलने का ऐलान किया है। हालांकि, इस दौरान कोविड गाइडलाइंस का पालन करना होगा।
गाइडलाइंस का करना होगा पालन
गोरखपुर में भाजपा पदाधिकारियों की बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर नियंत्रण में है। वहीं, स्कूल व कॉलेज खोले जाने को लेकर केंद्र की गाइडलाइंस के मुताबिक, परिसर को सैनिटाइज करके रखना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। स्कूलों में भीड़ जुटने वाले कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे। मास्क पहनना अनिवार्य होगा। बोर्डिंग स्कूलों में दो बेड्स के बीच उचित दूरी रखनी होगी।
केंद्र ने भी दी इजाजत
बता दें कि कोरोना के कम आ रहे मामलों के बीच केंद्र सरकार ने स्कूल खोलने के लिए गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रलाय का कहना है कि स्कूलों को सभी गाइडलाइंस का पालन करना होगा। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 99 फीसदी शिक्षक और स्टाफ वैक्सीन की दोनों डोज ला चुकी है।
कोरोना की हुई धीमी रफ्तार
वहीं, देश में कोरोना के पिछले 24 घंटे 1,49,394 नए मामले मिले हैं। वहीं, 1,072 लोगों को जान गंवानी पड़ी है। यूपी की बात करें, तो कोरोना संक्रमण के 5,316 नये मामले आये हैं। वहीं, 1,95,307 सैम्पल की जांच की गयी। प्रदेश में अब तक कुल 10,00,47,612 सैम्पल की जांच की गयी है। पिछले 24 घंटों में 5,541 लोग कोरोना से ठी हुए हैं। प्रदेश में कोरोना के कुल 41,471 सक्रिय मामले हैं।

 

 

एमएसपी पर सरकार कब करेगी कमेटी का गठन, कृषि मंत्री ने राज्य सभा में दी जानकारी

  • कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को राज्य सभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब देते हुए बताया कि सरकार जल्द ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कमेटी का गठन करेगी।

नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार जल्द ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कमेटी का गठन करेगी। इसकी जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को राज्य सभा में दी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कमेटी के गठन में क्यों देरी हो रही है।
एमएसपी पर कमेटी बनाने में क्यों हो रही देरी
नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को राज्य सभा में कहा कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के संबंध में एक समिति बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पांच राज्यों में विधान सभा चुनाव की प्रक्रिया खत्म होने के बाद समिति गठित करने को कहा है।
पीएम मोदी ने किया था कमेटी बनाने का वादा
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल नवंबर में तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा करते हुए एमएसपी पर कानूनी गारंटी की किसानों की मांग पर विचार के लिए एक समिति गठित करने का वादा किया था।
प्रश्नकाल के दौरान नरेंद्र तोमर ने दी जानकारी
नरेंद्र सिंह तोमर ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने पांच राज्यों में विधान सभा चुनाव के मद्देनजर निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि चूंकि चुनाव चल रहे हैं, इसलिए सरकार ने चुनाव आयोग को मार्गदर्शन के लिए पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि आयोग का जवाब आ गया है और चुनाव संपन्न होने के बाद समिति का गठन किया सकता है।
विधान सभा चुनावों के बाद होगा कमेटी का गठन
राज्य सभा में नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि एमएसपी पर समिति बनाने का मामला मंत्रालय के विचाराधीन है और विधान सभा चुनाव संपन्न होने के बाद इसका गठन किया जाएगा। बता दें कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा और पंजाब में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया चल रही है।

नीट परीक्षा 6-8 सप्‍ताह के लिए टली, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने बताई ये वजह

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने स्टूडेंट्स की मांग स्वीकार करते हुए नीट पीजी 2022 परीक्षा को 6-8 सप्‍ताह के लिए टाल दिया है। मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि नयी डेट की घोषणा जल्द की जाएगी।
नई दिल्ली: केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने नीट पीजी 2021 काउंसलिंग के चलते नीट पीजी 2022 परीक्षा को स्‍थगित करने का फैसला लिया है। मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि इस वर्ष की परीक्षा 6-8 सप्‍ताह के लिए टाल दी गई है। बता दें कि नीट पीजी 2022 परीक्षा 12 मार्च को आयोजित की जानी थी और छात्र लंबे समय से परीक्षा स्‍थगित करने की मांग कर रहे थे।
छात्रों ने दिया था ये तर्क
दरअसल, छात्रों का कहना है कि पिछले वर्ष यानी 2021 की नीट पीजी काउंसलिंग की डेट्स इस वर्ष की परीक्षा की तिथि के साथ क्लैश हो रही है। ऐसे में आगामी परीक्षा को स्‍थगित किया जाना चाहिए। छात्रों ने इसके लिए सोशल मीडिया पर कैंपेन भी चलाया। उन्होंने स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय से लगातार गुहार लगाते हुए कहा था कि इस मामले में जल्‍द से जल्द कोई निर्णय लिया जाए। इतना ही नहीं, छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की जिस पर विचार के लिए कोर्ट ने स्‍वीकृति भी दे दी।
सरकार ने मांगों को माना जायज
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने अब छात्रों की मांगों को जायज मानते हुए परीक्षा 6-8 सप्‍ताह के लिए स्‍थगित कर दी है। मंत्रालय ने माना है कि परीक्षा की तिथि पिछले सत्र की काउंसलिंग डेट्स से क्लैश हो रही है, जिससे छात्रों को नुकसान हो सकता है। हालांकि, अभी परीक्षा की नहीं तिथि घोषित नहीं की गई है। मंत्रालय का कहना है कि इस बारे में जल्द फैसला लिया जाएगा।

ओवैसी केस: आरोपियों से पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा, एआईएमआईएम चीफ ने सिक्‍योरिटी लेने पर कही ये बात

नई दिल्ली: एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की कार पर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा हुआ है और गोली चलाने वाले आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों आरोपी पिछले कई दिनों से ओवैसी का पीछा कर रहे थे और हमले को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग की थी।
ओवैसी के हर स्पीच को फॉलो करते थे आरोपी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सचिन असदुद्दीन ओवैसी के लगभग हर स्पीच को फॉलो करता था। दोनों आरोपी पिछले कई दिनों से ओवैसी का पीछा कर रहे थे और उनकी सभाओं में मौजूद रहते थे।
मेरठ की सभा में भी मौजूद थे आरोपी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपी असदुद्दीन ओवैसी की मेरठ की सभा में भी मौजूद थे। अब मेरठ में सभा स्थल के आस-पास के सीसीटीवी चेक किए जाएंगे।
आरोपियों ने हमले के लिए की थी प्लानिंग
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग की गई थी और यह अचानक की गई वारदात नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ओवैसी की सभा में जाकर शायद हमले की ताक में रहते थे, लेकिन अब तक मौका नहीं मिल पाया था।
कुछ दिन पहले खरीदा था हथियार
सचिन ने कुछ दिन पहले ही हथियार खरीदा था और अब पुलिस हथियार बेचने वाले की गिरफ्तारी की कोशिश में है। दोनों आरोपियों से पूछताछ करने वाले अधिकारी ने बताया की दोनों वैचारिक तौर पर बेहद कट्टर हैं, सनकी भी कह सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों का प्लान ये भी था कि फायरिंग करने के बाद भीड़ से बचने के लिए सीधा पुलिस स्टेशन चले जाएंगे।
ओवैसी ने सुरक्षा लेने से किया इनकार
हमले के बाद भी असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि साल 1994 में पहली बार विधान सभा का चुनाव जीतकर एमएलए बना था, लेकिन अब तक मैंने किसी तरह की कोई सुरक्षा नहीं ली है। मैं भविष्य में भी कभी सुरक्षा नहीं लूंगा।
उन्होंने आगे कहा कि मेरी जान की हिफाजत करना सरकार की जिम्मेदारी है। जब मेरा वक्त आएगा तब चला जाऊंगा। मैं चुनाव आयोग से कहना चाहूंगा कि इस मामले के पीछे जरूर कोई मास्टरमाइंड है। कुछ दिन पहले प्रयागराज में धर्म संसद में मेरी जान लेने की बात कही गई थी, जो ऑन रिकार्ड है, उसे भी देखा जाना चाहिए।
टोल प्लाजा पर ओवैसी की कार पर हुई फायरिंग
बता दें कि गुरुवार को गाजियाबाद के पास पिलखुवा छिजारसी टोल प्लाजा पर एआईएमआईएम के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के काफिले पर फायरिंग की गई। घटना उस समय हुई जब ओवैसी मेरठ में प्रचार खत्म कर दिल्ली लौट रहे थे। हमलावरों की गोली ओवैसी की कार पर लगी। गोली लगने से ओवैसी की गाड़ी पंक्चर हो गई, लेकिन ओवैसी को कोई चोट नहीं आई। इसके बाद ओवैसी दूसरी गाड़ी में दिल्ली के लिए रवाना हो गए
हमले की खबर मिलते पुलिस मौके पर पहुंच गई और कुछ ही देर बाद फॉरेंसिक विभाग की टीम भी वहां आ गई। जांच में जुटी पुलिस को जल्द ही कामयाबी मिल गई और हापुड़ पुलिस ने सचिन नाम के आरोपी को हिरासत में ले लिया। सूत्रों के मुताबिक आरोपी सचिन नोएडा के बादलपुर का रहने वाला है। साथ ही पुलिस ने वो हथियार भी बरामद कर लिया, जिससे काफिले पर हमला किया गया था। कुछ ही घंटे बाद शुभम नाम के दूसरे हमलावर ने गाजियाबाद के सिहानी गेट थाने में सरेंडर कर दिया।

कोविड-19: कम हो रहा तीसरी लहर का कहर, भारत में कोरोना संक्रमण के 1.49 लाख नए मरीज, एक्टिव मामलों में भी गिरावट

नई दिल्ली: देश भर से आज कोरोना संक्रमण के 1,49,394 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कोविड के कुल मरीजों की संख्या अब भारत में 4,19,52,712 हो गई है। जबकि पिछले 24 घंटों के दौरान 1,072 मरीजों की मौत के बाद संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा 5,00,055 पर पहुंच गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ने जानकारी दी है कि देश में कोरोना वायरस के एक्टिव मरीज अब घटकर 14.35 लाख हो गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि गुरुवार को देश भर में संक्रमण से 2,46,674 लोग ठीक भी हुए हैं, जिसके बाद कोरोना से अब तक ठीक होने वालों की संख्या 4,00,17,088 हो गई है। एक्टिव केस की संख्या फिलहाल 14,35,569 है, जो कुल मामलों का 3.42 प्रतिशत है। वहीं, दैनिक पॉजिटिविटी रेट 9.27 प्रतिशत है। जबकि विकली पॉजिटिविटी रेट 12.03 प्रतिशत है।

पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से लोगों को किया जागरूक

शामली। जिले के डिग्री कॉलेजों में एक से लेकर 8 फरवरी तक चल रहे जनपद स्तरीय स्वीप सप्ताह कार्यक्रम के अन्तर्गत मतदाताओं को जागरूक करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
गुरूवार को मतदाता साक्षरता क्लब द्वारा मतदाता जागरूकता पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। ईएलसी कोर्डिनेटर स्वीप डा.भूपेन्द्र कुमार ने बताया कि डीएम जसजीत कौर के निर्देशन में जिले के सभी डिग्री कॉलेजों के छात्र-छात्रा पूरे सप्ताह मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में प्रतिभाग कर जनपद के सभी मतदाताओं को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है ताकि जनपद में मतदान प्रतिशत बढ़ सके। गुरूवार को आयोजित की गई पोस्टर प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल में प्राचार्या डा. अनीता जैन तथा प्रशिक्षिका समाज सेविका डा.रितु जैन रही। उन्होने कहा कि आप सभी व्यस्क नागरिक हैं और आप सभी मतदाता भी हैं। इसलिए आपको अपने मत का प्रयोग अवश्य करे। स्वीप कोऑर्डिनेटर डा.अजय बाबू शर्मा ने प्रतिभागियों को नोटा के बारे में बताया और कहा कि आपके पास में प्रत्याशियों के साथ साथ नोटा को चुनने का भी अधिकार होता है। पोस्टर प्रतियोगिता में आरती उपाध्याय प्रथम, प्रतिभा चौहान द्वितीय व अंशु तथा ज्योति चैहान संयुक्त तीसरे स्थान पर रही।
इस मौके पर आरती उपाध्याय, रिया संगल, सागर, ज्योति, सोबिया, मेघा, मन्नू, सोनू, जावेद, हिना, रितिका आदि ने प्रतिभाग किया।

बेटियां भी कर रही पापा अमित अग्रवाल के लिए प्रचार

मेरठ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में राजनीतिक पार्टियों के अलावा उम्मीदवार के घरवाले भी प्रचार में पूरी भूमिका अदा कर रहे हैं। घरवाले प्रचार की कमान संभाले हुए हैं और अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए घर-घर जनसंपर्क कर रहे हैं और मतदाताओं से वोट मांग रहे हैं। ऐसा ही कुछ भाजपा कैंट विधानसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार अमित अग्रवाल की दोनों बेटियां कर रही हैं, जिन्होंने अपने पिता के लिए प्रचार की कमान संभाल रखी है।
दोनों बेटियां अपने पिता अमित अग्रवाल का चुनाव मैदान में बखूबी साथ दे रही हैं। भाजपा कैंट विधानसभा प्रत्याशी अमित अग्रवाल की दोनों बेटियां भी कैंट विधानसभा प्रचार में पूरे जोर-शोर से लगी हुई है। क्षेत्र में जाकर जगह-जगह मतदाताओं को भाजपा के पर्चे बांट कर मतदान करने का निवेदन कर रही हैं। स्थानीय निवासियों द्वारा भरपूर स्नेह व सम्मान मिल रहा है।

अमित अग्रवाल ने की मोहनपुरी में सभा

मेरठ: भाजपा मेरठ कैंट सीट से प्रत्याशी अमित अग्रवाल ने मोहनपुरी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ही विकास का पर्याय है तथा उन्होंने लोगों से भाजपा को वोट देने की अपील की। डॉक्टर लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि पहले मतदान फिर जलपान करें। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि मेरठ कैंट सीट को सर्वाधिक मतों से जीता कर आप लोगों को ही रिकॉर्ड कायम करना है।
इस अवसर पर सुनील वाधवा, बलराज गुप्ता, विनीत विश्नोई, विकास मित्तल, अरुण मित्तल, उदित गोयल, प्रवीण त्यागी, अंकुर कुशवाहा सहित अन्य कार्यकर्ता व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।