मेरठ: अपना दल (एस) के कार्यकर्ताओं की मासिक बैठक आज सुभाष नगर स्थित पार्टी कार्यालय पर हुई जिसमें विगत 2 जून को लखनऊ में पार्टी की प्रांतीय मासिक बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल द्वारा लिये गए निर्णयों से जिला अध्यक्ष सुधीर पंवार ने सभी को अवगत कराया। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्णय अनुसार अब प्रत्येक माह प्रांतीय मासिक बैठक 7 के बजाय 2 तारीख को हुआ करेगी। इसके अलावा जिला स्तरीय मासिक बैठक 12 के बजाय 7 तारीख को, विधानसभा बैठक 10 तारीख, ज़ोन की बैठक 12, सेक्टर की बैठक 15, बूथ की बैठक 18 तारीख को हुआ करेगी उसके बाद प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के लिए माह की 28 तारीख को बैठक हुआ करेगी उक्त प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक माह की 2 तारीख को राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष रखी जाया करेगी।
बैठक में चतरसैन, यामीन खान, गौरव व एहसान को पार्टी का पटका पहनाकर सक्रिय सदस्य बनाया गया। निर्णय लिया गया कि शीघ्र चौपाल बैठकें कर सक्रिय सदस्य बनाने व बूथ स्तर तक गठन करने का अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में जिलाध्यक्ष सुधीर पंवार, वीरेंद्र चौधरी, अलका पटेल, कृपाल सिंह, आरती लोधी, मनीष पटेल, मुरारीलाल, चिरंजीव सैनी, बलिचंद पाल, रविंद्र कुमार, सोमपाल, सोहन सिंह, समसुद्दीन अब्बासी, कुंवर जहीर अहमद, सुमित ठाकुर, चतुरसेन, गौरव, यामीन खान, अकरम कुरैशी, पवन वर्मा, बलराम चौधरी, सुनील दत्त शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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फेयरवेल पार्टी का आयोजन धड़कते हुए माहौल, फुट-टैपिंग, संगीत और मंच प्रदर्शन के हुआ। कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में डा.रूबी, संगीता और निशा सैनी आदि निर्णायक रही। डा.संदीप कुमार ने छात्रों का मार्गदर्शन किया और उन्होंने आशीर्वाद के साथ बच्चों को सफलता का मंत्र भी दिय। कार्यक्रम के अंत में डा.अनोज राज ने कुलपति डा.जी.के.थपलियाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा.शल्या राज, शिक्षा संकाय के डीन डा.संदीप कुमार सहित सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। मिस फेयरवेल एमएड की छात्रा प्रियंका चौधरी, मिस्टर फेयरवेल एमएड के छात्र अभ्युदय कुमार, मिस फेयरवेल बी.एड की छात्रा लाइबा, मिस्टर फेयरवेल बी.एड के छात्र शुभम त्यागी, मिस फेयरवेल बी.ई.एल.एड की छात्रा रिया, मिस्टर फेयरवेल बी.ई.एल.एड के छात्र सूरज सिंह बने।



उप निदेशक, महिला कल्याण विभाग शरद प्रकाश श्रीवास्तव ने विभाग द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रहीं कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी और पत्रकारों का आह्वान किया कि यदि उनके संज्ञान में महिला उत्पीड़न या बाल विवाह का कोई मामला आए तो वह विभाग को जरूर अवगत कराएं। इसके साथ ही उन्होंने मेरठ मंडल में आने वाले सभी जिलों के जिला प्रोबेशन अधिकारियों के मोबाइल नंबर मीडियाकर्मियों को उपलब्ध कराए।

इस अवसर पर सहायक नगर आयुक्त को निर्देशित करते हुये कहा कि उद्योग बंधुओ की सभी समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुये निस्तारण किया जाये तथा यह भी निर्देशित किया कि यदि उद्योग बंधु नगर निगम से संबंधित शिकायत को आसानी से कर सके इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।

माँ पार्वती को यह पुष्प सर्वाधिक पसंद है । यही कारण है कि नंदा पारिजात यात्रा में इसी पुष्प से आदि शक्ति की उपासना का विधान है। एक अन्य प्रसंग हमारे धर्म ग्रंथों में मिलता है जब भगवान विष्णु देवादि देव महादेव भगवान शिव की प्रसन्नता हेतु 1000 ब्रह्मकमल पुष्पों से उनकी अर्चना का प्रण धारण करते हैं लेकिन पुष्पाअर्चन के समय एक पुष्प कम रह जाने से भगवान विष्णु अपनी एक आँख निकालकर शिवलिंग पर चढ़ा देते हैं।जिससे प्रसन्न होकर शिवजी वरदान देते हैं कि जो भी इस पुष्प को मुझे अर्पित करेगा उसकी मनोकामना पूरी होगी।इसी प्रसंग के उपरांत भोलेनाथ को कमलेश्वर और विष्णु जी को कमलनयन कहकर सम्बोधित किया गया। मान्यता है कि इस पुष्प को खिलते देखने वाले की सभी इच्छाएँ पूरी होती हैं। यह पुष्प मध्यरात्रि में खिलता है ।लगभग रात्रि 12 बजे यह अपने पूर्ण व्यास और दिव्य यौवन में होता है प्रायः चार बजते बजते यह मुरझाकर बंद हो जाता है। अधिकांश लोग इसको अगले दिन मुरझाया हुआ ही देख पाते हैं । तब इसका कोई महत्व शेष नहीं रह जाता।इसकी सुगंध अत्यंत तीव्र और मादक होती है। अधिक देर तक इसको सूंघने से बहुत सी परालौकिक अनुभूतियाँ होने लगती हैं।कुंडलिनी जागरण में इसकी उपस्थिति सोने पर सुहागा वाला काम करती है।जिस समय यह पुष्प खिलता है उस समय आसपास का वातावरण अलौकिक सुगंध की सुरभि से सुवासित हो उठता है।


इसके अतिरिक्त मेरठ के तीन विशेषज्ञ डॉक्टर महिला रोग विशेषज्ञ एवं फिजियोथैरेपिस्ट डॉक्टर भी रोगियों की सेवा में उपलब्ध रहें।
सरदार मंगू सिंह की अध्यक्षता व संजय जैन पत्रकार के सशक्त संचालन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व सांसद पूर्व राज्य मंत्री राजा भारतेंद्र सिंह ने कहा कि हमारी गलत नीतियों का ही परिणाम है कि जलवायु निरंतर खराब होती जा रही है। हमारे हिम ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो हो सकता है एक दिन गंगा, यमुना, कावेरी गोदावरी आदि नदियों में पानी ही नहीं रहेगा।
अधिशासी प्रवक्ता माँ यामिनी श्री के अनुसार ट्रस्ट के अध्यक्ष और आश्रम के मुख्य अधिष्ठाता परमप्रज्ञ जगतगुरु प्रोफ़ेसर पुष्पेंद्र कुमार आर्यम जी महाराज के निर्णय के अनुसार आश्रम द्वारा समग्र मानवता के कल्याण हेतु यह अभियान गत वर्ष से संचालित है।
उक्त के क्रम में आज इफोरमिट कार्यक्रम में सम्मिलित विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा स्कूल/कॉलेज व बाजारों में छापेमारी कर तबाकू उत्पादों को बेचने वाले दुकानदारों पर कोटपा 2003 अधिनियम के उल्लंघन करने व बिना वैधानिक चेतावनी वाले तंबाकू उत्पाद बेचने के कारण उन्हें चेतावनी देते हुए उनसे जुर्माना वसूला गया एवं सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पादों को बड़ी मात्रा में ऑन-स्पॉट नष्ट भी किया गया। साथ ही सभी दुकानदारों को भविष्य में बिना वैधानिक चेतावनी वासे तंबाकू उत्पाद को न बेचने व दुकानों पर 18 वर्ष से कम उम्र वाले बच्चों को तबाकू उत्पाद नहीं देने वाले बोर्ड को लगवाने हेतु भी कहा गया एवं वेंडर लाइसेंसिंग की कार्यवाही के क्रम में भी उन्हें फूड व नॉन फूड प्रोडक्ट्स को एक साथ न बेचने व लाइसेंसिंग प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी प्रदान की गयी।
अध्यक्ष ने कहा कि कारीगरों को बैकों से ऋण दिलाने में अधिकारीगण सहयोग करे। माटीकला से संबंधित कारीगर एवं लाभार्थियों की शिकायत निस्तारण में शिथिलता एवं लापरवाही की शिकायत पायी जाती है तो संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उन्होने कहा कि कारीगरो की शिकायतों का निस्तारण सदस्य माटीकला बोर्ड संजय प्रजापति द्वारा अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कराया जायेगा। उन्होने अधिकारियों से कहा कि जिन कारीगरों का कार्य उत्तम है,उनको सम्मानित भी किया जाये।
अध्यक्ष ने कारीगरों से कहा कि मिटटी के दीयों में मोम भरकर उसमें बत्ती लगाकर बेचा जाये जिससे परिवार की आय को बढ़ाया जा सके। उन्होने कारीगरों से कहा कि अपने उत्पादो की गुणवत्ता का ध्यान रखें तथा जिससे आय में बढोत्तरी हो सके। उन्होने कहा कि मिटटी से बनने वाले उत्पादो की संरचना सही होगी तो उसका दाम भी अच्छा मिलेगा। उन्होने कहा कि मिटटी के बर्तन में खाना स्वास्थवर्धक होता और प्लास्टिक के बर्तन में खाना हानिकारक होता है। उन्होने कहा कि कुल्हड ही एक ऐसा बर्तन है जो चाय पीते समय मिट्टी चूमने का एहसास कराता है। उन्होने कहा कि स्कूलों में जाकर बताये एवं लोगो को जागरूक किया जाये कि मिटटी के बर्तन में खाना फायदेमंद होता है तो मिटटी के बर्तनों का बाजार खुदबखुद बढ़ जायेगा।

