मेरठ। सनातन धर्म इन्टर कालेज, सदर, मेरठ के पूर्व प्रधानाचार्य एवं उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद,मेरठ के पूर्व जिलाध्यक्ष स्व.श्री सुदीप शर्मा को उनकी प्रथम पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आज उनके निवास स्थान जानी खुर्द में प्रातः हवन कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। तत्पश्चात् उनके चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर उपस्थित समस्त लोगों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व की सराहना करते हुए उनकी प्रशासनिक क्षमता के लिए भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
इस अवसर पर उनके परिजनों के अलावा प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद सुशील कुमार सिंह,प्रदेश, जिला मंत्री संजय शर्मा,उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष डा.उमेश चंद त्यागी,जिला मंत्री पंकज शर्मा, जनपद उपाध्यक्ष राकेश शर्मा, सनातन धर्म इन्टर कालेज, सदर के प्रधानाचार्य अरुण गर्ग,पूर्व विधायक जितेन्द्र पाल सिंह सतवाई आदि विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सैकड़ों गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए।
इस अवसर पर सभी ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही स्व.सुदीप शर्मा के परिवार को उत्तर प्रदेश शासन से कोविड-19 के संक्रमण से दुखद निधन होने के एक वर्ष बीत जाने के बाद अभी तक भी कोई अनुग्रह राशि प्राप्त नहीं होने पर बड़ा दुख और असंतोष व्यक्त किया । जैसा कि सर्वविदित है कि स्व.सुदीप शर्मा ने त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2021 के दौरान जिला प्रशासन एवं जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा दिए गए लिखित और मौखिक आदेशों का पूरी निष्ठा और मनोयोग से पालन करते हुए चुनाव कार्मिकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर अपना शतप्रतिशत योगदान दिया। इसी बीच वह कोरोना संक्रमित हो गए तथा गाजियाबाद के निजी अस्पताल एवं अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान,नई दिल्ली में लगातार लगभग चालीस दिन तक भर्ती रहकर अपना इलाज कराया। परन्तु दुर्भाग्यवश इलाज के दौरान ही दिनांक 18/06/2021 को उनका दुखद निधन हो गया।
जिला अधिकारी, मेरठ ने अपने पत्र दिनांक 13 दिसम्बर,2021 के द्वारा उन्हें पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान ही कॉविड-19 से संक्रमित होने के कारण सरकारी सहायता का पात्र माना है। परन्तु दुर्भाग्यवश आज उनकी प्रथम पुण्यतिथि के अवसर तक भी उनके परिवार को सरकारी अनुग्रह राशि प्राप्त नहीं हुई है। इस सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ,मेरठ के जिला मंत्री पंकज शर्मा ने स्वयं मुख्य सचिव,पंचायती राज अनुभाग -3,उत्तर प्रदेश शासन,लखनऊ के कार्यालय में सम्पर्क किया,परंतु वहां से भी निराशा ही हाथ लगी। सरकार के त्रुटिपूर्ण/ अमानवीय शासनादेश दिनांक 01 जून,2021 के द्वारा केवल तीस दिन के अंदर मृत कार्मिक को ही सरकार द्वारा सहायता राशि का भुगतान किया गया है। जबकि कोई व्यक्ति इलाज के दौरान कितने दिन बाद परलोक सिधारेगा इस बात को विधाता के अलावा कोई व्यक्ति या शासनादेश तय नहीं कर सकता है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष डा.उमेश चंद त्यागी ने कहा कि वह अतिशीघ्र ही माननीय माध्यमिक शिक्षा मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार),उत्तर प्रदेश शासन गुलाबो देवी से मिलकर इस बात को प्रमुखता से उठाएंगे और स्व.सुदीप शर्मा के परिवार को न्याय दिलाकर ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
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बैठक में चतरसैन, यामीन खान, गौरव व एहसान को पार्टी का पटका पहनाकर सक्रिय सदस्य बनाया गया। निर्णय लिया गया कि शीघ्र चौपाल बैठकें कर सक्रिय सदस्य बनाने व बूथ स्तर तक गठन करने का अभियान चलाया जाएगा।
फेयरवेल पार्टी का आयोजन धड़कते हुए माहौल, फुट-टैपिंग, संगीत और मंच प्रदर्शन के हुआ। कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में डा.रूबी, संगीता और निशा सैनी आदि निर्णायक रही। डा.संदीप कुमार ने छात्रों का मार्गदर्शन किया और उन्होंने आशीर्वाद के साथ बच्चों को सफलता का मंत्र भी दिय। कार्यक्रम के अंत में डा.अनोज राज ने कुलपति डा.जी.के.थपलियाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा.शल्या राज, शिक्षा संकाय के डीन डा.संदीप कुमार सहित सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। मिस फेयरवेल एमएड की छात्रा प्रियंका चौधरी, मिस्टर फेयरवेल एमएड के छात्र अभ्युदय कुमार, मिस फेयरवेल बी.एड की छात्रा लाइबा, मिस्टर फेयरवेल बी.एड के छात्र शुभम त्यागी, मिस फेयरवेल बी.ई.एल.एड की छात्रा रिया, मिस्टर फेयरवेल बी.ई.एल.एड के छात्र सूरज सिंह बने।



उप निदेशक, महिला कल्याण विभाग शरद प्रकाश श्रीवास्तव ने विभाग द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रहीं कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी और पत्रकारों का आह्वान किया कि यदि उनके संज्ञान में महिला उत्पीड़न या बाल विवाह का कोई मामला आए तो वह विभाग को जरूर अवगत कराएं। इसके साथ ही उन्होंने मेरठ मंडल में आने वाले सभी जिलों के जिला प्रोबेशन अधिकारियों के मोबाइल नंबर मीडियाकर्मियों को उपलब्ध कराए।

इस अवसर पर सहायक नगर आयुक्त को निर्देशित करते हुये कहा कि उद्योग बंधुओ की सभी समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुये निस्तारण किया जाये तथा यह भी निर्देशित किया कि यदि उद्योग बंधु नगर निगम से संबंधित शिकायत को आसानी से कर सके इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।

माँ पार्वती को यह पुष्प सर्वाधिक पसंद है । यही कारण है कि नंदा पारिजात यात्रा में इसी पुष्प से आदि शक्ति की उपासना का विधान है। एक अन्य प्रसंग हमारे धर्म ग्रंथों में मिलता है जब भगवान विष्णु देवादि देव महादेव भगवान शिव की प्रसन्नता हेतु 1000 ब्रह्मकमल पुष्पों से उनकी अर्चना का प्रण धारण करते हैं लेकिन पुष्पाअर्चन के समय एक पुष्प कम रह जाने से भगवान विष्णु अपनी एक आँख निकालकर शिवलिंग पर चढ़ा देते हैं।जिससे प्रसन्न होकर शिवजी वरदान देते हैं कि जो भी इस पुष्प को मुझे अर्पित करेगा उसकी मनोकामना पूरी होगी।इसी प्रसंग के उपरांत भोलेनाथ को कमलेश्वर और विष्णु जी को कमलनयन कहकर सम्बोधित किया गया। मान्यता है कि इस पुष्प को खिलते देखने वाले की सभी इच्छाएँ पूरी होती हैं। यह पुष्प मध्यरात्रि में खिलता है ।लगभग रात्रि 12 बजे यह अपने पूर्ण व्यास और दिव्य यौवन में होता है प्रायः चार बजते बजते यह मुरझाकर बंद हो जाता है। अधिकांश लोग इसको अगले दिन मुरझाया हुआ ही देख पाते हैं । तब इसका कोई महत्व शेष नहीं रह जाता।इसकी सुगंध अत्यंत तीव्र और मादक होती है। अधिक देर तक इसको सूंघने से बहुत सी परालौकिक अनुभूतियाँ होने लगती हैं।कुंडलिनी जागरण में इसकी उपस्थिति सोने पर सुहागा वाला काम करती है।जिस समय यह पुष्प खिलता है उस समय आसपास का वातावरण अलौकिक सुगंध की सुरभि से सुवासित हो उठता है।


इसके अतिरिक्त मेरठ के तीन विशेषज्ञ डॉक्टर महिला रोग विशेषज्ञ एवं फिजियोथैरेपिस्ट डॉक्टर भी रोगियों की सेवा में उपलब्ध रहें।
सरदार मंगू सिंह की अध्यक्षता व संजय जैन पत्रकार के सशक्त संचालन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व सांसद पूर्व राज्य मंत्री राजा भारतेंद्र सिंह ने कहा कि हमारी गलत नीतियों का ही परिणाम है कि जलवायु निरंतर खराब होती जा रही है। हमारे हिम ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो हो सकता है एक दिन गंगा, यमुना, कावेरी गोदावरी आदि नदियों में पानी ही नहीं रहेगा।
अधिशासी प्रवक्ता माँ यामिनी श्री के अनुसार ट्रस्ट के अध्यक्ष और आश्रम के मुख्य अधिष्ठाता परमप्रज्ञ जगतगुरु प्रोफ़ेसर पुष्पेंद्र कुमार आर्यम जी महाराज के निर्णय के अनुसार आश्रम द्वारा समग्र मानवता के कल्याण हेतु यह अभियान गत वर्ष से संचालित है।
उक्त के क्रम में आज इफोरमिट कार्यक्रम में सम्मिलित विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा स्कूल/कॉलेज व बाजारों में छापेमारी कर तबाकू उत्पादों को बेचने वाले दुकानदारों पर कोटपा 2003 अधिनियम के उल्लंघन करने व बिना वैधानिक चेतावनी वाले तंबाकू उत्पाद बेचने के कारण उन्हें चेतावनी देते हुए उनसे जुर्माना वसूला गया एवं सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पादों को बड़ी मात्रा में ऑन-स्पॉट नष्ट भी किया गया। साथ ही सभी दुकानदारों को भविष्य में बिना वैधानिक चेतावनी वासे तंबाकू उत्पाद को न बेचने व दुकानों पर 18 वर्ष से कम उम्र वाले बच्चों को तबाकू उत्पाद नहीं देने वाले बोर्ड को लगवाने हेतु भी कहा गया एवं वेंडर लाइसेंसिंग की कार्यवाही के क्रम में भी उन्हें फूड व नॉन फूड प्रोडक्ट्स को एक साथ न बेचने व लाइसेंसिंग प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी प्रदान की गयी।
अध्यक्ष ने कहा कि कारीगरों को बैकों से ऋण दिलाने में अधिकारीगण सहयोग करे। माटीकला से संबंधित कारीगर एवं लाभार्थियों की शिकायत निस्तारण में शिथिलता एवं लापरवाही की शिकायत पायी जाती है तो संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उन्होने कहा कि कारीगरो की शिकायतों का निस्तारण सदस्य माटीकला बोर्ड संजय प्रजापति द्वारा अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कराया जायेगा। उन्होने अधिकारियों से कहा कि जिन कारीगरों का कार्य उत्तम है,उनको सम्मानित भी किया जाये।
अध्यक्ष ने कारीगरों से कहा कि मिटटी के दीयों में मोम भरकर उसमें बत्ती लगाकर बेचा जाये जिससे परिवार की आय को बढ़ाया जा सके। उन्होने कारीगरों से कहा कि अपने उत्पादो की गुणवत्ता का ध्यान रखें तथा जिससे आय में बढोत्तरी हो सके। उन्होने कहा कि मिटटी से बनने वाले उत्पादो की संरचना सही होगी तो उसका दाम भी अच्छा मिलेगा। उन्होने कहा कि मिटटी के बर्तन में खाना स्वास्थवर्धक होता और प्लास्टिक के बर्तन में खाना हानिकारक होता है। उन्होने कहा कि कुल्हड ही एक ऐसा बर्तन है जो चाय पीते समय मिट्टी चूमने का एहसास कराता है। उन्होने कहा कि स्कूलों में जाकर बताये एवं लोगो को जागरूक किया जाये कि मिटटी के बर्तन में खाना फायदेमंद होता है तो मिटटी के बर्तनों का बाजार खुदबखुद बढ़ जायेगा।