Saturday, August 1, 2026
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कांग्रेस का बड़ा ऐलान, यूपी में 40% टिकट महिलाओं को देगी पार्टी

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने आज बड़ा चुनावी ऐलान किया है।
  • कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि यूपी की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी तो राष्ट्रीय तौर पर भी बढ़ेगी। मैं इस वक्त यूपी की इंचार्ज हूं। जो महिलाएं हैं वो एकजुट होकर एक फोर्स नहीं बन रही हैं।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने आज बड़ा चुनावी ऐलान किया है। कांग्रेस पार्टी ने फैसला किया है कि वह राज्य में महिलाओं को 40% टिकट देगी। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर आज बड़ा ऐलान किया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने लखनऊ में एक प्रेस वार्ता में ऐलान किया कि आने वाले उत्तर प्रदेश के चुनावों में पार्टी 40% टिकट महिलाओं को देंगें। उन्‍होंने कहा कि यह निर्णय उन सब महिलाओं के लिए है जो चाहती हैं कि उत्तर प्रदेश में बदलाव आए, प्रदेश आगे बढ़े।
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि यूपी की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी तो राष्ट्रीय तौर पर भी बढ़ेगी। मैं इस वक्त यूपी की इंचार्ज हूं। जो महिलाएं हैं वो एकजुट होकर एक फोर्स नहीं बन रही हैं। उनको भी जातियों में बांटा जा रहा है। सोच ये है कि महिलाओं को जाति और प्रदेश से ऊपर उठकर एक साथ लड़ना है।
कांग्रेस का नया नारा, लड़की हूं… लड़ सकती हूं
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने नया नारा भी दिया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में बताया कि पार्टी ने महिलाओं की भागीदारी को लेकर लड़की हूं…लड़ सकती हूं का नारा दिया है।
प्रियंका के ऐलान के बाद झूम उठीं महिला कार्यकर्ता
कांग्रेस पार्टी की ओर से उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट देने की घोषणा के बाद सूबे में पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं में उत्‍साह है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के ऐलान के बाद प्रदेश की हज़ारों कांग्रेस महिला कार्यकर्ताएं झूम उठीं।
कांग्रेस इस रणनीति पर कर रही काम
महिला प्रत्याशियों की खोज के लिए पार्टी संगठन लम्बे समय से प्रयासरत है। इसकी काफी हद तक कवायद पूरी भी कर ली गयी है। बता दें कि विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का बिल अभी तक कानून नहीं बन पाया है। कांग्रेस पार्टी संसद में इस मुद्दे को उठाती रही है। अब यूपी विधानसभा में 40 फीसदी महिला प्रत्याशियों को उतारकर कांग्रेस पार्टी संसद में बिल पास करने को लेकर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। हालांकि महिला आरक्षण बिल का समर्थन बीजेपी भी करती रही है लेकिन, दोनों बड़ी पार्टियों के समर्थन के बावजूद अभी तक इसे कानून नहीं बनाया जा सका है।

मंहगाई व गन्ना भुगतान को लेकर रालोद ने किया धरना प्रदर्शन

हापुड़। युवा राष्ट्रीय लोकदल पार्टी ने पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, किसानों के गन्ने का भुगतान, बेरोजगारी,सरसो तेल आदि समस्याओं पर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा तहसील चौपला हापुड़ पर धरना प्रदर्शन किया ।
युवा जिला अध्यक्ष अशोक त्यागी के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया गया व धरने की अध्यक्षता आकिल खान ने की । युवा जिलाध्यक्ष अशोक त्यागी ने कहा कि आज हर वर्ग का परिवार महंगाई से परेशान है । पेट्रोल-डीजल के दामों ने लोगो की कमर तोड़ दी है। वरिष्ठ नेता आकिल खान ने कहा कि प्रदेश सरकार भोली-भाली जनता को गुमराह कर रही है। किसानों के गन्ने का भुगतान नहीं हो रहा है इससे किसान के पास आज पैसा नही है।
पूर्व जिला अध्यक्ष शिवकुमार त्यागी ने कहा कि सरकार ने किसानों की आय दुगनी तो नही करी पर सरसो का तेल जरूर दुगना कर दिया।
इस मौकें पर योगेश जाखड़, पर्वेश सैफी, अतुल चट्टा, शैंकी मुंडीर, कुलदीप राठी, गुड्डू चौधरी, रविंद्र प्रधान, आखिल चौधरी, मोहित चौधरी, आकाश सिंह, अब्बास अली,नानक चंद शर्मा ,हेमंत मिश्रा ,वीरेंद्र गौतम, प्रवीण बाल्मिकी, आकाश यादव, मिंटू तेवतिया,रश्मि चौधरी,तरुण चौधरी, आमिर सैफी, आसिफ जरोडिया, अवनीश त्यागी, आकाश त्यागी ,विकास त्यागी आदि मौजूद रहे।

अब भारत में 2 से 18 साल के बच्चों को भी लगेगी कोरोना वैक्सीन, DGCI ने इस टीके को दी मंजूरी

  • Covaxin approved for kids between 2 to 18 years: ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन (Covaxin for Children) को 2 से 18 साल के बच्चों पर इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। भारत में बच्चों के लिए मंजूरी पाने वाली यह पहली वैक्सीन है।

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच वैक्सीन (Corona Vaccine) को सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है और अब देश में 2 साल से 18 साल के बच्चों के टीके को लेकर बड़ी खबर आ रही है। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन (Covaxin for Children) को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। भारत में बच्चों के लिए मंजूरी पाने वाली यह पहली वैक्सीन है।
ट्रायल में 78 प्रतिशत असरदार साबित हुई कोवैक्सीन
भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने सितंबर में बच्चों पर वैक्सीन (Corona Vaccine) के ट्रायल पूरे किए थे और क्लीनिकल ट्रायल्स में लगभग 78 प्रतिशत असरदार साबित हुई थी। कंपनी द्वारा डाटा सबमिट किए जाने के बाद ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने आंकलन के बाद कंपनी से एडिशनल डाटा मांगा था, जो शनिवार को सबमिट कर दिया गया था। कल (12 अक्टूबर) भी इसे लेकर सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी यानी SEC की मीटिंग हुई थी और आज हुई बैठक में 2 से 18 साल के बच्चों को कोवैक्सीन (Covaxin ) लगाए जाने को अनुमति दे दी गई।

 

यूपी चुनाव  2022: अपना-अपना रथ, अपनी-अपनी राहें, धुंधली हुईं मिलन की आशाएं

चाचा-भतीजे के बीच सुलह की गुंजाइश कम हो गई है।
  • उत्तर प्रदेश में सत्ता के सिंघासन की लड़ाई में समाजवादी संगम की उम्मीदें दम तोड़ती नजर आ रही हैं। चाचा और भतीजे के बीच अबतक सुलह नहीं हो पाई है और इसीलिए दोनों ही अपनी-अपनी पार्टी के तय कार्यक्रम के मुताबिक आज से अलग-अलग रथ यात्रा निकालने जा रहे हैं।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सत्ता के सिंघासन की लड़ाई में समाजवादी संगम की उम्मीदें दम तोड़ती नजर आ रही हैं। चाचा और भतीजे के बीच अबतक सुलह नहीं हो पाई है और इसीलिए दोनों ही अपनी-अपनी पार्टी के तय कार्यक्रम के मुताबिक आज से अलग-अलग रथ यात्रा निकालने जा रहे हैं। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव जहां कानपुर से अपनी समाजवादी विजय यात्रा की शुरूआत कर रहे हैं, वहीं प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव भी मथुरा से सामाजिक परिवर्तन यात्रा का आगाज करने जा रहे हैं।
ये पहली बार है जब समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के परिवार के दो नामी-गिरामी नेता एक ही वक्त में अलग-अलग जगहों से चुनावी रथ यात्रा निकाल रहे हैं। हालांकि चाचा-भतीजे की अलग-अलग चुनावी यात्राओं से एक बात साफ है कि दोनों में सुलह की गुंजाइश बेहद कम हो गई है।
समाजवादी विजय यात्रा का पहला चरण बुंदेलखण्ड
समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव की विजय यात्रा शुरू तो कानपुर से होगी लेकिन यात्रा का मुख्य लक्ष्य पार्टी के पुराने किले बुंदेलखण्ड में फिर से पैठ जमाना है। मंगलवार को जनता का समर्थन जुटाने की मांग के साथ अखिलेश यादव कानपुर से अपनी यात्रा शुरू करेंगे। इसके लिए एक मर्सिडीज बस को चुनावी रथ में तब्दील किया गया है। विजय यात्रा के रथ में एक तरफ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और दूसरी तरफ पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव की तस्वीर लगाई गई है। इसके साथ ही सुपर लग्जरी रथ में पार्टी के कद्दावर नेताओं जैसे आजम खान वगैरा के भी पोस्टर लगे हैं। इसके जरिए समाजवादी पार्टी ने आम जनता और कार्यकर्ताओं को ये दर्शाने की कोशिश की है कि चुनावी मैदान में ‘नई हवा के साथ नई सपा’ जरूर है लेकिन उसकी सोच में आज भी पार्टी के पुराने पुरोधा बसते हैं। जिन्हें आज भी उतना ही मान सम्मान मिलता है, जैसा सम्मान पहले मिलता था। देखा जाए तो इसके पीछे पार्टी के उन कार्यकर्ताओं और नेताओं को मनाने की कोशिश भी नजर आती है, जो चाचा और भतीजा में सुलह चाहते हैं।
बीजेपी सरकार को हटाना और हराना है मकसद
समाजवादी सुप्रीमो अखिलेश यादव की विजय यात्रा 12 अक्टूबर से कानपुर से शुरू होगी। जो कानपुर देहात से होते हुए जालौन और हमीरपुर तक जाएगी। पार्टी के मुताबिक यात्रा के पहले दो दिनों में यात्रा का उद्देश्य किसानों, युवाओं, दलितों, वंचितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों समेत सभी वर्गों को न्याय दिलाना। है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी का कहना है कि जुलाई 2001 और सितंबर 2011 के बाद अखिलेश यादव की यह तीसरी चुनावी यात्रा है। समाजवादी पार्टी ने विजय यात्रा के एक दिन पहले 17 सेकेंड का एक वीडियो जारी किया, जिसमें अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह यादव से बात करते और आशीर्वाद लेने के लिए उनके पैर छूते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के जरिए अखिलेश यादव ने उन लोगों को जवाब दिया है, जो समाजवादी विजय यात्रा का पोस्टर देखकर उसमें मुलायम सिंह यादव की तस्वीर ना होने पर तंज कस रहे थे। हालांकि अखिलेश यादव की यात्रा पर कटाक्ष करते हुए यूपी सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि जब सीएम योगी कोरोना काल के दौरान प्रदेश के कोने-कोने तक दौड़भाग कर रहे थे, तब सपा के ये नेता अपने एयरकंडीशंड कमरे में बैठकर ट्वीट-ट्वीट खेल रहे थे। अब वही लोग वातानुकूलित रथ से लोगों के बीच जाने का नाटक कर रहे हैं।
मथुरा से सामाजिक परिवर्तन यात्रा निकालेंगे शिवपाल
भगवान कृष्ण की भूमि से अपनी परिवर्तन यात्रा शुरू करने जा रहे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल यादव का संदेश साफ है कि 2022 का चुनाव एक धर्मयुद्ध है, और जिस तरह भगवान कृष्ण धर्म के पक्ष में थे, वैसे ही हम भी अधर्मियों के विनाश के लिए लड़ने जा रहे हैं। शिवपाल की यह यात्रा सात चरणों में होगी। जिसमें राज्य के 75 जिले शामिल होंगे। इन सात चरणों में विधानसभा की सभी 403 सीटों को कवर किया जाएगा। वृंदावन बिहारी लाल भगवान कृष्ण के दर्शन के बाद इसकी शुरुआत मथुरा से होगी। आज मथुरा से ही चुनावी शंखनाद फूंकेंगे शिवपाल सिंह यादव। प्रसपा का कहना है कि शिवपाल यादव प्रदेश के इकलौते ऐसे नेता हैं, जो उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा का दो बार दौरा कर चुके हैं। 12 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच चलने वाली शिवपाल सिंह यादव की परिवर्तन यात्रा 7 चरणों में होगी। मथुरा से शुरू होने वाली यात्रा का अंतिम चरण रायबरेली में होगा।
यात्रा की शुरूआत आज करने के पीछे खास मकसद
चाचा-भतीजे के बीच सुलह की गुंजाइश कम हो गई है। अलग-अलग यात्राओं से इस बात को और भी ज्यादा बल मिला है लेकिन 12 अक्टूबर यानी आज का दिन दोनों ने खासतौर पर चुना है। दरअसल जय प्रकाश नारायण और राम मनोहर लोहिया ने 12 अक्टूबर को ही तत्कालीन सरकार के खिलाफ आवाज उठानी शुरू की थी। इसी दिन अपना-अपना रथ लेकर चुनावी यात्राओं पर निकल रहे अखिलेश यादव और शिवपाल यादव का मकसद भले ही एक हो लेकिन राहें फिलहाल जुदा ही हैं। समाजवादी कुनबे में शुरू हुआ झगड़ा अभी तक खत्म नहीं हुआ है। जिसका असर दोनों ही पार्टियों के चुनावी नतीजों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

Wrap Up: अक्षय कुमार ने पूरी की ‘रक्षा बंधन’ की शूटिंग, अगले साल इस तारीख को होगी रिलीज

अक्षय कुमार ने की रक्षा बंधन की शूटिग खत्म

अक्षय कुमार ने अपनी आने वाली फिल्म रक्षा बंधन की शूटिंग पूरी कर ली है। इस फिल्म में उनके साथ भूमि पेडनेकर लीड रोल में नजर आएंगी।
मुंबई : बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने इन दिनों धमाल मचाया हुआ है। उनके पास प्रोजेक्ट्स की लाइन लगी हुई है और वह बैक टू बैक अपनी आने वाली फिल्मों की शूटिंग पूरी करने में लगे हुए हैं। अक्षय इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म रक्षा बंधन की शूटिंग में बिजी थे। अब उन्होंने इस फिल्म की शूटिंग पूरी कर ली है।
अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करके रक्षा बंधन की शूटिंग पूरी करने की जानकारी दी है। दिल्ली में फिल्म की शूटिंग पूरी हुई है। उन्होंने आनंद एल राय के साथ तस्वीर भी शेयर की है।
अक्षय ने शेयर किया पोस्ट
अक्षय ने फोटो शेयर करते हुए लिखा- रक्षा बंधन की पूरी शूटिंग के दौरान मैं और आनंद ऐसे ही हंसते रहे। ऐसे हंसते थे जैसे कल नहीं होगी। वैसे तो हमने बीती रात फिल्म की शूटिंग खत्म कर ली। उदासी का एक कड़वा रंग था। अब दूसरी जगह। नया दिन, नया रोलर कोस्टर।
इस साल जून महीने में मुंबई इलाके में एक बड़े से सेट पर फिल्म की शूटिंग शुरू हुई थी। कुछ दिन पहले अक्षय को इसी फिल्म के शूटिंग दौरान चांदनी चौक की सड़कों पर दौड़ लगाते हुए भी देखा गया, उनका यह फोटो काफ़ी वायरल हुआ था। हालही में मिली जानकारी से यह पता चला है कि, कल रात दिल्ली में टीम ने शूटिंग के आखिरी दिन के साथ फिल्म पूरी कर ली है । भूमि पेडनेकर अभिनीत यह फिल्म 11 अगस्त 2022 को स्वतंत्रता दिवस के सप्ताहांत पर सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।
आनंद एल राय द्वारा निर्देशित, हिमांशु शर्मा और कनिका ढिल्लों द्वारा लिखित यह फिल्म केप ऑफ गुड फिल्म्स के सहयोग से कलर येलो प्रोडक्शंस, ज़ी स्टूडियोज़ और अलका हीरानंदानी द्वारा निर्मित है।
वर्कफ्रंट की बात करें तो अक्षय कुमार की हाल ही में फिल्म बेल बॉटम सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस फिल्म को काफी पसंद किया गया था। अब उनकी फिल्म सूर्यवंशी सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। ये फिल्म दिवाली के मौके पर रिलीज होगी। इसके अलावा अक्षय बच्चन पांडे, अतरंगी रे और पूजा एंटरटेनमेंट की एक फिल्म में नजर आने वाले हैं। अतरंगी रे में भी अक्षय ने आनंद एल राय के साथ काम किया है।

दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने का खतरा: पराली जलाने की संख्या बढ़ी, अगले 15 दिनों में ‘बेहद खराब’ स्थिति में पहुंच सकती है हवा

बढ़ सकती हैं पराली जलाने की घटनाएं
  • पराली जलाए जाने के पीक टाइम में अभी दो सप्ताह का समय बचा है। नवंबर के पहले हफ्ते में पराली जलाने की संख्या तेजी से बढ़ती है जिसके प्रतिदिन 3,000-4,000 तक बढ़ने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो दिल्ली एक बार प्रदूषण की गिरफ्त में नजर आ सकती है।

नई दिल्ली : दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी है, जिससे आने वाले दिनों में परेशानी बढ़ सकती है। हालांकि, पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष अभी तक काफी कम संख्या में पराली जलाई गई है। 15 सितंबर से 10 अक्टूबर तक पंजाब में पराली चलाने की 764 घटनाएं दर्ज की गईं जबकि पिछले साल इसी अवधि में ऐसी 2,586 घटनाएं सामने आई थीं। वहीं, इस अवधि में हरियाणा में पराली जलाने की 196 घटनाएं हुईं जबकि पिछले साल इस दौरान ऐसे 353 मामले सामने आए थे।
पंजाब में 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक पराली जलाने के बस 63 मामले सामने आए जबकि 6 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक ऐसे 486 मामले सामने आए। इसी प्रकार हरियाणा में 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक पराली जलाने के बस 17 मामले सामने आए जबकि 6 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक ऐसे 172 मामले सामने आए।
पिछले वर्ष की तुलना में कम जलेगी पराली
वैज्ञानिक विनय सहगल ने बताया कि अक्टूबर के पहले सप्ताह में पराली जलाने के कम मामले सामने आए और उसकी वजह यह थी कि मानसून की देर से वापसी के कारण फसल की कटाई विलंब से शुरू हुई। उन्होंने जमीनी स्तर से प्राप्त रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, ‘यहां तक, जिन किसानों ने फसल कटाई कर ली थी उन्होंने भी पराली नहीं जलाई, क्योंकि वह गीली थी।
सहगल ने कहा कि आईएआरआई को उम्मीद है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस सीजन में पराली जलाने की घटनाएं कम होंगी। उन्होंने कहा, ‘सरकार इस बार पराली प्रबंधन को लेकर अधिक सचेत है। यह भी पिछले साल बहुत सारे किसानों ने (कृषि कानूनों के विरोध में) में पराली जलाई थी।’
दिल्ली की हवा में पराली का योगदान 5 प्रतिशत
रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के पड़ोस में खेतों में आग लगने की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी है, लेकिन राजधानी की हवा में पराली जलाने की घटना से हवा के खराब होने में योगदान 5% से भी कम है, जिसमें पीएम 2.5 के स्तर में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही इस बात चेतावनी भी जारी की गई है कि देश से मानसून के पूरी तरह से हटने के बाद, स्थिर मौसम की स्थिति दिल्ली में हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करना शुरू कर देगी। इसलिए, अगर पराली जलाने की संख्या में वृद्धि होती है, तो यह दिल्ली की वायु गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
सहगल ने कहा कि पराली जलाने की घटनाएं 6 अक्टूबर से बढ़ी हैं लेकिन दैनिक आंकड़े 2020 की तुलना में अब भी कम हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों में 2016 से 2019 तक पराली जलाने के मामले कम होते गए और पिछले साल उसमें वृद्धि की वजह किसानों का आंदोलन हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘हम 2019 से बेहतर की आस नहीं कर सकते लेकिन उम्मीद है कि पिछले साल की तुलना में आंकड़े कम होंगे।’
पिछले 5 वर्षों पराली जलाने के आंकड़े
पंजाब में पहली अक्टूबर से 30 नवंबर तक 2016 में पराली जलाने की 1.02 लाख, 2017 में 67,079 , 2018 में 59,684 और 2019 में 59,684 घटनाएं हुई थी। उसी प्रकार, हरियाणा में पहली अक्टूबर से 30 नवंबर तक 2016 में पराली जलाने की 15,686 , 2017 में 13,085 , 2018 में 9,225 और 2019 में 6,364 और 2020 में 5,678 घटनाएं हुई थीं। पंजाब और हरियाणा अक्टूबर एवं नवंबर में धान की फसल की कटाई के बाद पराली जलाई जाती है।
फिलहाल पराली जलाए जाने के पीक टाइम में अभी दो सप्ताह का समय बचा है। नवंबर के पहले हफ्ते में पराली जलाने की संख्या तेजी से बढ़ती है जिसके प्रतिदिन 3,000-4,000 तक बढ़ने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो दिल्ली एक बार प्रदूषण की गिरफ्त में नजर आ सकती है।
नवंबर में रह सकती है सबसे खराब हवा
आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में लोग हर साल एक से 15 नवंबर के बीच ‘सबसे खराब’ हवा में सांस लेते हैं। राष्ट्रीय राजधानी का औसत पीएम 2.5 स्तर 16 अक्टूबर से 15 फरवरी के बीच ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी के बीच रहता है। वहीं एक नवंबर से 15 नवंबर के बीच पीएम 2.5 सांद्रता औसतन 285 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहती है।
पीएम 2।5 को 61 से 120 के बीच ‘मध्यम से खराब’, 121 से 250 के बीच ‘बेहद खराब’, 251 से 350 के बीच ‘गंभीर’ और 350 से अधिक होने पर ‘अति गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है। पर्यावरण विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ’15 अक्टूबर से एक नवंबर के बीच प्रदूषण में व्यापक वृद्धि दर्ज की जाती है। पीएम2.5 का औसत स्तर 80 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से 285 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच जाता है।’
दिसंबर और जनवरी में भी बढ़ सकती है मुसीबत
दिल्ली में 16 दिसंबर से 31 दिसंबर के बीच दूसरा सबसे अधिक प्रदूषित समय होता है। इस दौरान पीएम 2.5 सांद्रता औसतन 218 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहती है। अधिकारी ने कहा कि वायु प्रदूषण स्तर अधिक होने का मुख्य कारण अपशिष्ट जलाना है, क्योंकि यही वह समय है, जब दिल्ली में तापमान काफी कम रहता है और त्योहार भी अधिक होते हैं। इसके बाद तीसरी अवधि जब प्रदूषण सबसे अधिक फैलता है, वह एक जनवरी से 15 जनवरी के बीच का समय है। इस दौरान पीएम 2.5 सांद्रता औसतन 197 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहती है।

Delhi: पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

दिल्ली के पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना को मिली राहत।
  • राकेश अस्थाना की नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिका में कहा गया था कि दिल्ली पुलिस आयुक्त की नियुक्ति के लिए यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) की कोई समिति नहीं बनायी गई थी और दो साल के न्यूनतम कार्यकाल के मानदंड को नजरअंदाज किया गया।

नई दिल्ली : दिल्ली हाईकोर्ट ने गुजरात काडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना की शहर के पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने वकील सद्रे आलम की याचिका पर यह आदेश सुनाया। याचिका मं अस्थाना को दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्त करने के गृह मंत्रालय के 27 जुलाई के आदेश को रद्द करने और अंतर-काडर प्रतिनियुक्ति और सेवा विस्तार देने के आदेश को भी रद्द करने का अनुरोध किया गया था।
याचिका में कहा गया था, ”(गृह मंत्रालय का) संबंधित आदेश प्रकाश सिंह मामले में भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है, क्योंकि प्रतिवादी संख्या दो (अस्थाना) के पास छह महीने का न्यूनतम कार्यकाल शेष नहीं था; दिल्ली पुलिस आयुक्त की नियुक्ति के लिए यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) की कोई समिति नहीं बनायी गई थी और दो साल के न्यूनतम कार्यकाल के मानदंड को नजरअंदाज किया गया।” उधर केंद्र ने अपने शपथपत्र में कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था से जुड़ी विविध चुनौतियों के मद्देनजर अस्थाना की नियुक्ति और उनके सेवा कार्यकाल में विस्तार का निर्णय जनहित में लिया गया है। केंद्र ने अपने हलफनामे में यह भी कहा था कि दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में अस्थाना की नियुक्ति में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है और उनकी नियुक्ति सभी नियम-कायदों को ध्यान में रखकर की गई है।
रिटायर्मेंट से एक दिन पहले हुई नियुक्ति
बता दें कि याचिका में राकेश अस्थाना को रिटायरमेंट से ऐन पहले दिल्ली पुलिस का आयुक्त नियुक्त करने को नियमों का उल्लंघन बताया गया है और उनकी नियुक्ति रद्द करने की अपील की गई थी। नियुक्ति को चुनौती वाली याचिका में कहा गया था कि राकेश अस्थाना की नियुक्ति के सिलसिले में छह महीने के कार्यकाल बचे रहने के दौरान ही प्रतिनियुक्ति के नियम का पालन नहीं किया गया। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा कि राकेश अस्थाना अपने पद पर बने रहेंगे। एक एनजीओ ने उनकी नियुक्ति को चुनौती दी थी। गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (CPIL) ने राकेश अस्थाना की नियुक्ति को चुनौती देते हुए हस्तक्षेप याचिका दाखिल की थी।

केंद्र की राज्यों को चेतावनी, बिना बताए बिजली बेची, तो भुगतने पड़ेंगे परिणाम

बिजली संकट. (सांकेतिक तस्वीर)

दिल्ली में बिजली की मांग और आपूर्ति को लेकर केंद्र सरकार ने 25 सितंबर से लेकर 10 अक्टूबर तक की फैक्ट शीट बनाई है। इस फैक्ट शीट में बताया गया है कि किस दिन बिजली की कितनी मांग थी और उसकी आपूर्ति कितनी हुई।
नई दिल्ली : देश के कई राज्यों में गहराते बिजली संकट (Power Crisis) के बीच केंद्र ने बिजली की कमी को लेकर दिल्ली सरकार के आरोपों को खारिज किया है। दिल्ली डिस्कॉम्स से मिली जानकारी के मुताबिक बिजली की कमी के कारण कोई आउटेज नहीं था। बिजली की आवश्यक मात्रा की आपूर्ति की गई थी। 10 अक्टूबर को दिल्ली की अधिकतम मांग 4536 मेगावाट (पीक) और 96।2 एमयू (ऊर्जा) थी। दिल्ली की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए ऊर्जा मंत्रालय ने एनटीपीसी और डीवीसी को निर्देश दिया कि जितनी मांग दिल्ली की ओर से की जा रही है उसको पूरा किया जाए।
दिल्ली में बिजली की मांग और आपूर्ति को लेकर केंद्र सरकार ने 25 सितंबर से लेकर 10 अक्टूबर तक की फैक्ट शीट बनाई है। इस फैक्ट शीट में बताया गया है कि किस दिन बिजली की कितनी मांग थी और उसकी आपूर्ति कितनी हुई। केंद्र सरकार इस शीट से यह पता चलता है कि 25 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच एक भी दिन दिल्ली में जरूरत से कम बिजली सप्लाई नहीं की गई है। इस दौरान दिल्ली की जरूरत के मुताबिक ही बिजली दी गई है। बिजली मंत्रालय ने एनटीपीसी और डीवीसी को निर्देश जारी किए हैं कि दिल्ली की वितरण कंपनियों को उनकी मांग के अनुसार जितनी बिजली की आवश्यकता होगी उतनी बिजली दी जाए।
दिल्ली की जरूरत के मुताबिक मिलेगी बिजली
मंत्रालय ने इन कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि एनटीपीसी और डीवीसी दोनों दिल्ली को उतनी बिजली उपलब्ध कराएंगे जितनी दिल्ली के डिस्कॉम्स मांग करते हैं। एनटीपीसी संबंधित पीपीए के तहत दिल्ली डिस्कॉम्स को उनके आवंटन (गैस आधारित बिजली संयंत्रों से) के अनुसार मानक घोषित क्षमता (DC) की पेशकश कर सकती है। दिल्ली डिस्कॉम को डीसी ऑफर करते समय SPOT, LT-RLNG सहित सभी स्रोतों से उपलब्ध गैस को शामिल किया जा सकता है।
बिजली के इस्तेमाल के लिए दिशा-निर्देश
इसके अलावा, कोयला आधारित बिजली की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए आवंटित बिजली के उपयोग के संबंध में भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन दिशानिर्देशों के तहत, राज्यों से उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति करने के लिए आवंटित बिजली का उपयोग करने का अनुरोध किया गया है। साथ ही एक्स्ट्रा बिजली होने की दशा में राज्यों से अनुरोध किया गया है कि वे मंत्रालय को सूचित करें ताकि उसे अन्य जरूरतमंद राज्यों को आवंटित किया जा सके। कोई राज्य अगर पावर एक्सचेंज में बिजली बेचता हुआ पाया जाता है या इस आवंटित बिजली को शेड्यूल नहीं कर रहा है, तो उसे आवंटित बिजली को अस्थायी रूप से कम किया जा सकता है या वापस लिया जा सकता है। ये बिजली उन राज्यों को आवंटित कर दी जाएगी जिन्हें बिजली की आवश्यकता है।

 

पीएम मोदी ने विजया राजे सिंधिया की जयंती पर दी उन्हें श्रद्धांजलि, कहा- उनका जीवन जन सेवा के लिए समर्पित था

फ़ाइल : फोटो
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विजया राजे सिंधिया की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। विजया राजे सिंधिया भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थीं।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विजया राजे सिंधिया की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। विजया राजे सिंधिया का नाता ग्वालियर राजघराने से था और वह भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थीं। उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राजमाता विजया राजे सिंधिया जी का जीवन पूरी तरह से जन सेवा के लिए समर्पित था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजया राजे सिंधिया को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया, ‘‘राजमाता विजया राजे सिंधिया जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। उनका जीवन पूरी तरह से जन सेवा के लिए समर्पित था। वह निडर और दयालु थीं। अगर भारतीय जनता पार्टी एक ऐसी पार्टी के रूप में उभरी है जिस पर लोगों को भरोसा है, तो इसका कारण यह है कि हमारे पास राजमाता जी जैसे दिग्गज थे। जिन्होंने लोगों के बीच काम किया और पार्टी को मजबूत किया।’’
विजया राजे सिंधिया का जन्म 1919 में हुआ था और वह जनसंघ और फिर भारतीय जनता पार्टी में काफी सक्रिय रहीं। उनकी बेटियां वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे पार्टी की वरिष्ठ नेता हैं। वहीं पोते ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।
प्रधानमंत्री ने मांगा देवी कालरात्रि का आशीर्वाद
नवरात्रि के सातवें दिन के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देवी कालरात्रि का आशीर्वाद मांगा और आशा व्यक्त की कि उनका आशीर्वाद हर किसी के जीवन में सारी बाधाओं को दूर कर सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लाएगा। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, “मां कालरात्रि से प्रार्थना है कि सारी बाधाओं को दूर कर वे हर किसी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आएं।”

बिजली संकट पर योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला, जानिए दिन में कितने बजे से कितने बजे तक नहीं होगी कटौती

सीएम ने बिजली बिलों के लिए ओटीएस लागू करने के निर्देश दिए।

पावर कारपोरेशन के चेयरमैन एम। देवराज का कहना है कि दस अक्तूबर को गांवों को निर्धारित शिड्यूल 18 घंटे की अपेक्षा 20 घंटे बिजली दी गई। तहसील मुख्यालयों पर भी शिड्यूल से करीब 30 मिनट अधिक बिजली की सप्लाई की गई।
लखनऊ: बिजली संकट से जनता को राहत दिलाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया। सोमवार को जारी एक अन्‍य सरकार बयान के अनुसार योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के अध्यक्ष को राज्य में बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति के संबंध में गहन समीक्षा करने का निर्देश दिया और राज्य के बिजली संयंत्रों को पर्याप्त कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा है। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शाम छह बजे से सुबह सात बजे के बीच लगातार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए क्योंकि त्यौहारी सीजन चल रहा है।
उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए यूपीपीसीएल के अध्यक्ष को राज्य में बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति के संबंध में गहन समीक्षा करने का निर्देश दिया। यहां जारी एक बयान के अनुसार उन्होंने कहा कि राज्य के बिजली संयंत्रों को पर्याप्त कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
सीएम ने बिजली बिलों के लिए ओटीएस लागू करने के दिए निर्देश
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान में त्योहारों का मौसम चल रहा है और राज्य के लोग ‘नवरात्र’ मना रहे हैं, रामलीला भी विभिन्न स्थानों पर चल रही है, ऐसे समय में रात में निर्बाध बिजली आपूर्ति जरूरी है। योगी ने कहा कि उपभोक्ता गलत बिजली बिलों से परेशान हैं, जिससे बिलों का संग्रह प्रभावित होता है। गलत बिजली बिलों के कारण उपभोक्ता को नुकसान नहीं होना चाहिए। समझौते के अनुसार काम नहीं करने वाली बिजली बिलिंग एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसी एजेंसियों की जमानतराशि जब्त की जानी चाहिए, साथ ही उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के साथ-साथ काली सूची में भी डाला जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बिजली बिलों के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) लागू करने के निर्देश दिए।
कितने बजे से कब तक नहीं जाएगी बिजली
पावर कारपोरेशन के चेयरमैन एम। देवराज का कहना है कि दस अक्तूबर को गांवों को निर्धारित शिड्यूल 18 घंटे की अपेक्षा 20 घंटे बिजली दी गई। तहसील मुख्यालयों पर भी शिड्यूल से करीब 30 मिनट अधिक बिजली की सप्लाई की गई। प्रदेश में बिजली की मांग और आपूर्ति का संकट सोमवार को भी बरकरार रहा। पीक आवर में राज्य में 20 हजार मेगावाट मांग की तुलना में 17500 मेगावाट बिजली की सप्लाई की गई। पावर कारपोरेशन के सूत्रों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में चार से नौ घंटे तक की कटौती हुई। जिला मुख्यालयों को अभी कटौती से मुक्त रखा गया है।

बसपा मुखिया मायावती बोलीं- सरकार आने पर बदले की भावना से नहीं रोकेंगे सरकारी योजनाएं

बसपा सुप्रीमो मायावती कांशीराम की पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम से शनिवार को मायावती ने प्रदेश में औपचारिक रूप से अपना चुनावी अभियान भी शुरू कर दिया है। मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब बसपा शासन को याद कर रही है।

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अपने अभियान का आगाज कर दिया है। बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पुण्य तिथि पर लखनऊ के कांशीराम स्मारक स्थल में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भारतीय जनता पार्टी के साथ ही समाजवादी पार्टी तथा कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। मायावती ने कहा कि चुनाव आयोग से चुनावी सर्वे पर रोक लगाने की मांग करूंगी। 6 महीने पहले सर्वे पर रोक लगे।
लखनऊ में कांशीराम की पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम से शनिवार को मायावती ने प्रदेश में औपचारिक रूप से अपना चुनावी अभियान भी शुरू कर दिया है। इस कार्यक्रम में आए लोगों को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब बसपा शासन को याद कर रही है। यहां पर जनता ने भारतीय जनता पार्टी के साथ ही समाजवादी पार्टी तथा कांग्रेस का नाटक देख लिया है। हमारी पार्टी के लोग भी इनके नाटकों तथा हथकंडों से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2007 में बसपा की बहुमत की सरकार थी। हमने उत्तर प्रदेश को बेहतरीन कानून व्यवस्था दी थी। उन्होंने कहा कि मेरी उत्तर प्रदेश की जनता से अपील है कि भाजपा के पक्ष में मतदान कर अपना वोट खराब न करें।
मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार बनने पर इस बार सबसे ज्यादा जोर यहां के गरीब और सभी बेरोजगार नौजवानों को रोटी-रोजी के साधन उपलब्ध कराने पर होगा। इस बार यही हमारी पार्टी का मुख्य चुनावी मुद्दा भी होगा। केन्द्र और राज्य की जो भी योजनाएं चल रही हैं उन्हें बदले की भावना से रोका नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा, सपा तथा कांग्रेस वोट के लिए जनता से वादे कर रही हैं जो हवा हवाई है। उनमें रत्तीभर भी दम नहीं है। सभी विरोधी पार्टियां चुनावी घोषणापत्रों में प्रलोभन भरे चुनावी वादे करने वाली हैं।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बसपा प्रमुख पहले ही पार्टी कार्यकर्ताओं को इस साल कांशीराम की पुण्यतिथि बड़े पैमाने पर मनाने के निर्देश दिए थे। मायावती ने सभी 75 जिलों के कार्यकर्ताओं को लखनऊ आने के लिए कहा थी। इसी कारण उनकी सभा में बड़ी भीड़ जुटी। कोरोना महामारी के बाद बसपा की लखनऊ में यह सबसे बड़ी सभा होगी।
प्रदेश में प्रबुद्ध सम्मेलन के दौरान बसपा प्रमुख मायावती ने एलान किया था कि इस बार 9 अक्टूबर को बसपा संस्थापक कांशीराम पुण्यतिथि का कार्यक्रम जिला और मंडल स्तर पर कोई पार्टी स्तरीय आयोजन नहीं होगा। प्रदेश भर का कार्यक्रम लखनऊ में आयोजित किया जाएगा, जहां प्रदेश भर के लोग आकर कांशीराम पार्क में कार्यकर्ता उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।

लखीमपुर खीरी कांड: पुलिस के सामने पेश हुए मंत्री पुत्र आशीष मिश्र, मजिस्ट्रेट के सामने चल रही है पूछताछ

पुलिस ने आशीष मिश्रा की पेशी को देखते हुए पुलिस लाइन को छावनी में तब्दील कर दिया है। जगह-जगह बैरिकेड्स लगाए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। आशीष की जांच दल के सामने पेशी को लेकर पुलिस लाइन में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम हैं।

लखनऊ: लखीमपुर खीरी में बीते रविवार को उपद्रव के बाद हिंसा में चार किसानों सहित आठ लोगों की मृत्यु के मामले में आरोपित केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की शनिवार को सुबह 10:45 पर क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए। क्राइम ब्रांच ने आशीष मिश्रा को दिन में 11 बजे लखीमपुर खीरी पुलिस लाइन में पेश होने के लिए बुलाया था, लेकिन आशीष मिश्रा स्कूटी पर सवार होकर 15 मिनट पहले पुलिस लाइन पहुंचे।
लखीमपुर खीरी पुलिस लाइंस में क्राइम ब्रांच की टीम ने आशीष मिश्र से पूछताछ शुरू कर दी है। क्राइम ब्रांच की टीम ने मजिस्ट्रेट के समक्ष केन्द्रीय मंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा से सवालों की झड़ी लगा दी है। आशीष मिश्रा क्राइम ब्रांच के दफ्तर में करीब एक दर्जन से ज्यादा पेन ड्राइव लेकर के पहुंचे। इन सभी पेन ड्राइव में वह सभी वीडियोज हैं जो उनकी मौजूदगी साबित करेंगे की घटना के वक्त वह कहां मौजूद थे। आशीष मिश्र से मजिस्ट्रेट के सामने पूछताछ की जा रही है। इस दौरान आशीष मिश्र का कलमबंद बयान हो रहा है। इस पूछताछ के दौरान आशीष मिश्र का वकील भी मौजूद है। लखीमपुर हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा से पूछताछ के लिए पुलिस ने 40 सवालों की लंबी लिस्ट तैयार की। आशीष के वकील अवधेश कुमार ने कहा कि हम नोटिस का सम्मान करेंगे और इस जांच में हर प्रकार का सहयोग करेंगे। आशीष की गिरफ्तारी होगी या रिहाई इसका फैसला पुलिस करेगी। डीआईजी और एसपी भी पुलिस लाइंस में मौजूद हैं।
मंत्री अजय मिश्रा के घर पर लगाया गया एक और नोटिस
आशीष मिश्रा की पेशी के तैयारी के बीच में लखीमपुर खीरी पुलिस ने शनिवार को मंत्री के घर पर एक और नोटिस लगाया। नोटिस में लिखा है कि कल समन के बावजूद आशीष मिश्रा पेश नहीं हुए थे, आज भी उनके क्राइम ब्रांच ने समक्ष पेश न होन की स्थिति में वारंट जारी किया जाएगा।
पुलिस लाइन में तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस ने आशीष मिश्रा की पेशी को देखते हुए पुलिस लाइन को छावनी में तब्दील कर दिया था। वहां पर हर रास्ते में जगह-जगह बैरिकेड्स लगाए गए। चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। आशीष की जांच दल के सामने पेशी को लेकर पुलिस लाइन में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम थे। आशीष के नेपाल भागने की भी चर्चा थी। आशीष के पिता और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी खुद सामने आए थे और कहा था वो कहीं नहीं गया है। आशीष साक्ष्यों के साथ जांच टीम के सामने पेश होगा।
जो भी दोषी होगा, उसको किसी भी कीमत पर राहत भी नहीं
उत्तर प्रदेश के कानून एवं विधि मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराध व अपराधी को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। मंत्री पाठक ने कहा कि लखीमपुर खीरी में हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही कह दिया है कि सिर्फ आरोप पर किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसको किसी भी कीमत पर राहत भी नहीं दी जाएगी। अब तो प्रदेश में किसी भी मामले को सरकार रफा-दफा नहीं किया जा रहा है। सभी तथ्यों की जांच हो रही है और जो दोषी जांच में सामने आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी।

 

मौतों पर वोट बैंक की राजनीति का खेल बंद करे विपक्ष :स्वतंत्रदेव

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने बुधवार को कांग्रेस-सपा-बसपा सहित अन्य विपक्षी दलों पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि विपक्ष मौतों पर अपनी वोट बैंक की राजनीति का घिनौना खेल बंद करे। उन्होंने कांग्रेस पर गैर जिम्मेदाराना रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि लखीमपुर जाने की अनुमति मिलने के बावजूद केवल मीडिया की सुर्खियां बटोरने के लिए एयरपोर्ट पर कांग्रेस युवराज का हाईवोल्टेज ड्रामा दर्शाता है कि वे कितने गंभीर है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लखीमपुर की घटना दुखद है लेकिन जनता द्वारा बार-बार नकारे गए कुछ विपक्षी दल अपना अस्तित्व बचाने के लिए घटना पर राजनीतिक रोटियां सेकने में लगे हैं। जबकि पीड़ित पक्ष और किसान संगठन सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच चल रही है,ऐसे में विपक्षी दल शान्ति भंग करने की कोशिश न करें।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ जांच एजेंसियां घटना से जुडे़ साक्ष्य एकत्र कर अपनी जांच को आगे बढ़ा रही हैं। ताकि जल्द से जल्द दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की जा सके। दूसरी तरफ विपक्षी दल हैं जो घटना के तुंरत बाद से ही अपनी सियासी उड़ान के मौके तलाशने में जुट गए हैं। उन्होंने कहा कांग्रेस-सपा-बसपा व अन्य विपक्षी दलों की हमदर्दी पीड़ित पक्षों के साथ नहीं है बल्कि उनका उद्देश्य अपनी वोट बैंक की सियासत करना भर है।
सिंह ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि राहुल गांधी हमेशा संवेदनशील घटनाओं पर असंवेदनशील राजनीति करते हैं। उनका किसान हितों से कोई लेना-देना नहीं है। राहुल गांधी ने लखीमपुर से पहले राजस्थान के किसानों की चिंता क्यों नहीं की ? राजस्थान की कांग्रेसी सरकार में किसानों पर बर्बारता पूर्वक लाठीचार्ज हुआ। घायल किसान अस्पतालों में भर्ती हुए लेकिन राहुल चुप्पी साधे रहे।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लखीमपुर प्रकरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले दिन ही घटना को गंभीरता से लेते हुए घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के आदेश दे दिये थे। विपक्ष को यह समझ लेना चाहिए कि प्रदेश में योगी सरकार है और अगर कोई भी कानून के खिलाफ काम करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

फ़िल्म ‘सनक’ का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर हुआ रिलीज़

मेरठ: हिंदी सिनेमा में अपनी तरह का पहला होस्टेज ड्रामा पेश करते हुए, विपुल अमृतलाल शाह और ज़ी स्टूडियोज को ‘सनक’ के साथ एक्शन-एंटरटेनमेंट स्पेस में खेल बदलने की उम्मीद है क्योंकि यह दिलचस्प कहानी घेराबंदी के तहत एक अस्पताल में आगे बढ़ती है।
अगर काउंटडाउन एक्शन स्टंट की बात करे तो,दर्शक तीन गुना एड्रेनालाईन की उम्मीद कर सकते हैं क्योंकि होस्टेज ड्रामा का यह ट्रेलर निश्चित रूप से आपके रोंगटे खड़े कर देगा।
कनिष्क वर्मा द्वारा निर्देशित, फिल्म में विद्युत जामवाल,बंगाली सुपरस्टार रुक्मिणी मैत्रा,नेहा धूपिया और चंदन रॉय सान्याल शामिल हैं और ट्रेलर में दर्शकों को हाई-ऑक्टेन एक्शन और झकझोर देने वाले ड्रामे की एक झलक दी गयी है!
अपने प्रियजन को एक उच्च जोखिम वाली स्थिति से बचाने के लिए लड़ते हुए, हम विद्युत को इस धमाकेदार ट्रेलर में कुछ अलग करते हुए देख सकते हैं। यह फिल्म रुक्मिणी मैत्रा के बड़े बॉलीवुड डेब्यू का भी प्रतीक है और विद्युत के साथ उनकी केमिस्ट्री फिल्म में एक हाईलाइट की तरह है। एक एक्शन थ्रिलर होने के अलावा,’सनक’ का ट्रेलर दोनों के बीच की प्रेम कहानी को भी छूता है, जो कहानी का अभिन्न अंग है।
विद्युत जामवाल कहते हैं,”फिल्म को महामारी के समय में शूट किया गया था और हर दूसरे भारतीय की तरह,हम काम पर गए और हमने यह फिल्म बनाई है। एक बार जब आप इसे देख लेंगे,तो मैं आपको गारंटी दे सकता हूं कि यह आपको खुद का एक बेहतर संस्करण बनने और अपने आसपास के लोगों की मदद करने के लिए प्रेरित करेगा।”
निर्माता विपुल अमृतलाल शाह कहते हैं,हम ‘सनक’ को भारतीय दर्शकों के सामने लाने के लिए बहुत उत्साहित हैं। हमारी फिल्मों ने वास्तव में होस्टेज ड्रामा के स्पेस को गहराई और विस्तार से नहीं खोजा है और ‘सनक’ बस यही करने का हमारा प्रयास है।
विद्युत जामवाल, चंदन रॉय सान्याल, नेहा धूपिया और रुक्मिणी मैत्रा अभिनीत,’सनक -होप अंडर सीज’ को ज़ी स्टूडियोज द्वारा सनशाइन पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से प्रस्तुत किया गया है और यह 15 अक्टूबर से केवल डिज्नी+ हॉटस्टार मल्टीप्लेक्स पर स्ट्रीम करेगी। यह विपुल अमृतलाल शाह प्रोडक्शन फ़िल्म है, जिसका निर्देशन कनिष्क वर्मा ने किया है।
ट्रेलर लिंक: https://youtu.be/xusOfNnHzM0

प्लास्टिक कचरे से होने वाली हानि व उसके निस्तारण के लिए माहभर ग्रामों में चलेगा अभियान: सीडीओ

मेरठ : विकास भवन सभागार में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के नेहरू युवा केन्द्र मेरठ द्वारा 01 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक माह चलने वाले स्वच्छ भारत अभियान के संदर्भ में बैठक आयोजित की गई। सीडीओ ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कहा। उनके द्वारा इस संबंध में बनाये गये कार्ड को भी लांच किया गया।
बैठक में नेहरू युवा केन्द्र के जिला युवा अधिकारी बिधु भूषण मिश्र ने सभी विभागों सेे कार्यक्रम में उनके सहयोग और सुझाव के लिए अनुरोध किया तथा बताया कि इस अभियान का उद्देश्य जन जन को प्लास्टिक से होने वाली हानि के विषय मे जागरूक करना है यह तभी सम्भब है जब सभी सरकारी, गैर सरकारी आदि संस्थाओं का सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त हो।
बैठक में रेड क्रॉस सोसाइटी मेरठ के सचिव ने भी अपनी भागीदारी इसमे देने की बात कही और अन्य विभागों द्वारा भी अपने अपने सुझाव प्रस्तुत किये गए।
बैठक में संदीप, मौहम्मद शोएब, चंद्रशेखर खुल्बे आदि की भी उपस्थिति व सहयोग रहा।

लखीमपुर में हिंसा की धीमी पड़ी आग, जानिए चौबीस घंटे में कैसे बनी बात

लखीमपुर में सुलगी हिंसा की आग सोमवार को धीमी जरूर पड़ी, लेकिन तनाव बना हुआ है।

लखनऊ: केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र’टेनी’ के विवादित बयान के विरोध में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में सुलगी हिंसा की आग सोमवार को धीमी जरूर पड़ी,लेकिन तनाव बना हुआ है। किसानों की हत्या के आरोप में गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्र ‘मोनू’ समेत 14 लोगों के खिलाफ किसानों की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं, घटना में मारे गए सभी लोगों के स्वजन को उत्तर प्रदेश सरकार ने 45-45 लाख रुपये व एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।
सरकार हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से इस मामले की जांच भी कराएगी। साथ ही, प्रथम सूचना रिपोर्ट में जो आरोपित हैं,उनको गिरफ्तार किया जाएगा। एहतियाती तौर पर लखीमपुर में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है और केंद्रीय बल की तैनाती की गई है। उधर, रविवार देर रात लखीमपुर जाने की कोशिश कर रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को सीतापुर में गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव,आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह और प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल समेत कई नेता लखनऊ व अन्य जिलों में गिरफ्तार कर लिए गए। लखनऊ समेत प्रदेश में कई जिलों में विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया।
ऐसे बनी बात : लखनऊ से स्थिति संभालने के लिए भेजे गए अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी और एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने अधिकारियों की मदद से वार्ता का क्रम शुरू किया। उन्होंने कई चक्रों में वार्ता की। सोमवार सुबह भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के पहुंचने के बाद वार्ता के क्रम में तेजी आई। इस बीच किसानों की ओर से तिकुनियां के थाने में तहरीर दी, जिस पर आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ 302,120 बी और 147 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। तहरीर में आरोप है कि किसानों को गाड़ी से कुचल कर मारा गया है और आशीष मिश्रा गाड़ी चला रहे थे।
स्थिति अब नियंत्रण में : मुकदमा दर्ज होने के बाद प्रशासन और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच भी दोपहर बाद सहमति बन गई और शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया। चारों किसानों के शवों को लेकर भाकियू नेता राकेश टिकैत मुख्यालय पहुंचे। डाक्टरों के पैनल ने सभी का पोस्टमार्टम किया। स्थानीय पत्रकार व तीन भाजपा समर्थकों के शवों को रविवार रात ही पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया था। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि अब स्थिति नियंत्रण में है।
घायलों को मिलेंगे 10-10 लाख रुपये : लखीमपुर की घटना में मारे गए सभी लोगों के स्वजन को उत्तर प्रदेश सरकार 45-45 लाख रुपये व एक सदस्य को सरकारी नौकरी देगी। किसानों से समझौता हो जाने के बाद भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की मौजूदगी में एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने पत्रकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना में घायल हुए किसानों को दस-दस लाख रुपये दिए जाएंगे। इस दौरान अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे। यह पूछे जाने पर कि क्या दूसरे पक्ष की ओर से भी मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिलाधिकारी डा. अरविंद चौरसिया ने बताया कि अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।
सपा कार्यालय के समीप पुलिस की जीप फूंकी : लखीमपुर कांड को लेकर पूरे प्रदेश में विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान लखनऊ में सपा कार्यालय के निकट गौतमपल्ली थाने के सामने खड़ी पुलिस की जीप में किसी ने आग लगा दी। अखिलेश यादव ने कहा कि सपा कार्यकर्ता शांति से धरना दे रहे हैं। पुलिस ने अपनी गाड़ी में खुद आग लगाई है।

आईआईएमटी विश्वविद्यालय के आठ छात्रों का चयन

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  • प्रतिष्ठित कंपनी यूरेका फोब्र्स ने किया छात्रों का चयन
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मेरठ। अपने बेहतर प्लेसमेंट के लिये जाने जाते आईआईएमटी विश्वविद्यालय के छात्रों का श्रेष्ठ कंपनियाें में चयन होना जारी है। इसी क्रम में आईआईएमटी विश्वविद्यालय के 8 छात्रों का चयन प्रतिष्ठित कंपनी यूरेका फोब्र्स ने किया है। चयनित छात्रों को निर्धारित 2.42 लाख रुपये प्रतिवर्ष वेतनमान के अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिया जायेगा। ट्रेनी सर्विस इंजीनियर के पद पर किया है।
आईआईएमटी विश्वविद्यालय के छात्रों का समय-समय पर विभिन्न कंपनियों द्वारा चयन किया जाता है। इसीे श्रृंखला के अन्तर्गत आईआईएमटी विश्वविद्यालय ने जानी-मानी कंपनी ‘यूरेका फोब्र्स’ को कैंपस सलेक्शन के लिये आमन्त्रित किया। अभ्यर्थियों के विभिन्न चरणों के साक्षात्कार के बाद कम्पनी ने आईआईएमटी विश्वविद्यालय में डिप्लोमा -ईई के छात्र मोहम्मद शाहरुख सैफी,मानस मागो,दानिश मलिक,विवेक गोयल,नितिन कुमार तथा डिप्लोमा- एमई के छात्र विभु त्यागी,मोहित शम्मी और देवेंद्र चैहान का चयन ट्रेनी सर्विस इंजीनियर के पद पर किया है। चयनित छात्रों को 2.42 लाख रुपये प्रतिवर्ष वेतनमान के अतिरिक्त इंसेंटिव व अन्य सुविधाएं भी दी जायेंगी।
कंपनी द्वारा चयनित विद्यार्थियों को आईआईएमटी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता,कुलपति प्रो.एचएस सिंह तथा आईआईएमटी समूह के महाप्रबंधक मयंक अग्रवाल ने चयनित छात्रा मानसी के उज्जवल भविष्य की कामना की। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट ऑफिसर सुरेन्द्र चौहान,राजेश उपाध्याय,राहुल जैन,विकास चौहान एवं टीम ने इंटरव्यू को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।

उन्मुक्त भारत के तत्वाधान में निर्धन बच्चों हेतु निःशुल्क हेयर कटिंग कैम्प का हुआ शुभारंभ

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मेरठ: उन्मुक्त भारत (एनजीओ) ने सराहनीय पहल करते हुए जनपद के निर्धन बच्चों की हेयर कटिंग हेतु निःशुल्क कटिंग कैम्प आयोजित किया। कैम्प का शुभारंभ सुभारती विश्वविद्यालय के संस्कृति विभाग में समाज सेविका श्रीमति आरती शर्मा ने किया। उन्होंने उन्मुक्त भारत द्वारा देश को सशक्त बनाने हेतू किये जा रहे कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि समाज के हर व्यक्ति के उत्थान से देश को मजबूती मिलेगी और जिस प्रकार उन्मुक्त भारत द्वारा समय समय पर चिकित्सा शिविर, विधिक जागरूकता शिविर एवं राष्ट्र निमार्ण हेतु कार्य किये जा रहा है वह बहुत सराहनीय है।

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक डा.विवेक संस्कृति ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले निर्धन बच्चों के हेयर कटिंग हेतु सम्पूर्ण जनपद में सौ हेयर कटिंग शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ओम श्यामजी स्टाइलो यूनिसेक्स सैलून की टीम ने प्रथम दिन 45 निर्धन बच्चों की हेयर कटिंग की। उन्होंने सभी बच्चों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करते हुए सभी का उत्साह वर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उन्मुक्त भारत देश की जनता में समाजिक उत्थान हेतु कार्य कर रही है एवं बड़े स्तर पर विचार गोष्ठी, सम्मेलन व जागरूकता शिविर का आयोजन करके समाज के हर वर्ग को मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। शिविर में कुलदीप नारायण, ई. राजदीप विकल, जसविंदर सिंह, सचिन तोमर, गणपत, अभिषेक चौधरी, अमन चेन गुर्जर, सतीश कुमार, प्रदीप कुमार, अमित कुमार, आमिर हुसैन, सतेन्द्र कुमार आदि उपस्थित रहे।

योगी सरकार देगी अभ्युदय कोचिंग के 10 लाख छात्रों को मुफ्त टैबलेट

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लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश की योगी आदित्‍यनाथ सरकार 10 लाख नौजवानों को टैबलेट देने जा रही है। लेकिन यूपी में युवाओं को नि:शुल्क टैबलेट पाने के लिए परीक्षा से गुजरना पड़ेगा। निशुल्क कोचिंग के बाद अब टैबलेट से परीक्षा की तैयारी करने में काफी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए चलाई जा रही नि:शुल्क कोचिंग में दाखिला पाने वाले विद्यार्थियों को ही टैबलेट मिलेगा।

कोचिंग में दाखिला प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दिया जाएगा. टैबलेट पाने के लिए यह एक तरह की स्क्रीनिंग परीक्षा होगी।फिर इस कोचिंग में पढ़ रहे युवाओं में से टैबलेट के लिए पात्र मेधावियों का चयन सरकार द्वारा निर्धारित नियम व शर्तों के आधार पर होगा।

अभी पांच लाख युवा अभ्युदय कोचिंग में ऑनलाइन व फिजिकल (साक्षात) कक्षाओं में पढ़ रहे हैं। युवाओं के उत्साह को देखते हुए फिजिकल (साक्षात) कक्षाओं में दाखिले के लिए 28 फरवरी तक पंजीकरण की सुविधा फिर से दी गई है. आगामी पांच व छह मार्च को प्रवेश परीक्षा होगी।

उत्‍तर प्रदेश सरकार इस कोचिंग के माध्यम से युवाओं की प्रतिभा को तराशकर उन्हें प्रतियोगी परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। विशेषज्ञों के गाइडेंस के साथ टैबलेट देकर वह उन्हें घर बैठे ही एक क्लिक पर दुनिया-जहान की जानकारी बेहतर ढंग से पाने का मौका देगी। वह सिविल सेवा परीक्षा,जेईई, नीट व एनडीए आदि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी आराम से कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की क्रियान्वयन समिति के सदस्य व लखनऊ के मंडलायुक्त रंजन कुमार ने बताया कि कोचिंग में विद्यार्थी ऑनलाइन के साथ फिजिकल कक्षाएं भी पढ़ रहे हैं।अब फिर से फिजिकल कक्षाओं में दाखिले के लिए छात्र-छात्राएं अपना पंजीकरण कर सकेंगे।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के 2 साल पूरे होने पर हुआ कार्यक्रम

  • अच्छी सरकार वहीं है जो गांव-गरीब-किसान के बारे में विचार करे 
  • समग्र व संतुलित विकास की कल्पना को साकार करें: तोमर
  • प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता से करोड़ों किसानों को घर बैठे मिल रहा पीएम-किसान का लाभ
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नई दिल्ली,(एजेंसी): 
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि (पीएम-किसान)’योजना के सफल संचालन की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्‍यक्षता में समारोह हुआ। इस मौके पर तोमर ने कहा कि अच्छी सरकार वहीं है जो गांव-गरीब-किसान के बारे में विचार करें,समग्र व संतुलित विकास की कल्पना को साकार करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता के कारण आज देश के करोड़ों किसानों को पीएम-किसान जैसी स्कीम का घऱ बैठे लाभ मिल रहा है,यह योजना भारत के इतिहास में मील का पत्थऱ है। लगभग पौने 11 करोड़ किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं और बाकी बचे पात्र किसानों को भी इसका फायदा मिलेगा। तोमर ने इसके लिए राज्य सरकारों से अभियान चलाने का आग्रह किया है।

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ए.पी. शिंदे हाल,एनएएससी काम्‍पलेक्‍स,पूसा,नई दिल्‍ली में आयोजित गरिमामय समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी, उत्‍तर प्रदेश,हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्‍ट्र,अरूणाचल प्रदेश व हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री, केंद्रीय कृषि सचिव संजय अग्रवाल,राज्‍यों के नोडल अधिकारी एवं जिलों के अधिकारी तथा स्कीम के सीईओ-संयुक्त सचिव विवेक अग्रवाल भी उपस्‍थित थे।तोमर ने विभिन्‍न श्रेणियों में राज्यों- जिलों को पुरस्‍कार वितरित किए।
केंद्रीय मंत्री तोमर ने लाभार्थी किसानों को बधाई देने के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए इस अच्छी, सार्थक व आम किसानों की आय में वृद्धि करने वाली योजना के लिए उनका अभिनंदन किया। मात्र 2 साल की अवधि में 10.75 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों की पहचान करना व उन्‍हें 1.15लाख करोड़ रूपए से ज्यादा कालाभ अंतरण करना मोदी की सरकार के संकल्‍प और कार्यक्षमता को दर्शाता है। स्कीम की शुरूआत के समय सिर्फ 18 दिनों में,लाभार्थियों की पहचान से लेकर वेबसाइट पर देने तक पूरी प्रक्रिया संपन्न करते 1 करोड़ से अधिक किसानों को 2 हजार करोड़ रू.से ज्यादा राशि ट्रांसफर करने का इतिहास रचा गया था।